SIP Calculator: ₹1000 की SIP को हर साल 10% बढ़ाएं तो 20 साल में कितना पैसा बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP Calculator: ₹1,000 की SIP से शुरुआत और हर साल 10% बढ़ोतरी। 20 साल में कुल निवेश सिर्फ ₹6.87 लाख, लेकिन 12% और 15% रिटर्न पर फंड कितना बन सकता है? समझिए पूरा हिसाब।

अपडेटेड Sep 02, 2026 पर 3:00 PM
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20 साल तक निवेश जारी रखने पर आपका कुल निवेश करीब ₹6.87 लाख होगा।

SIP Calculator: म्यूचुअल फंड SIP में छोटी रकम से शुरुआत की जा सकती है। लेकिन अगर हर साल निवेश की रकम भी बढ़ाई जाए, तो लंबे समय में बड़ा फंड बनाया जा सकता है।

मान लीजिए आप ₹1,000 की मंथली SIP शुरू करते हैं। हर साल इसे 10% बढ़ाते हैं। 20 साल तक निवेश जारी रखते हैं। ऐसे में 12% और 15% सालाना रिटर्न पर कितना फंड बन सकता है, आइए समझते हैं।

हर साल बढ़ेगी SIP की रकम


पहले साल आप हर महीने ₹1,000 निवेश करेंगे। दूसरे साल SIP बढ़कर ₹1,100 हो जाएगी। तीसरे साल यह ₹1,210 हो जाएगी।

इसी तरह हर साल SIP में 10% की बढ़ोतरी करनी होगी। 20वें साल आपकी मंथली SIP करीब ₹6,116 पहुंच जाएगी।

20 साल में कितना होगा कुल निवेश?

20 साल तक निवेश जारी रखने पर आपका कुल निवेश करीब ₹6.87 लाख होगा। इसमें SIP हर साल 10% बढ़ाई गई है।

अब सवाल है कि इस निवेश से 20 साल बाद कितना फंड बन सकता है। यह मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करेगा।

12% और 15% रिटर्न पर कितना बनेगा फंड?

सालाना अनुमानित रिटर्न 20 साल में कुल निवेश 20 साल बाद अनुमानित फंड अनुमानित रिटर्न
12% ₹6.87 लाख ₹19.69 लाख ₹12.82 लाख
15% ₹6.87 लाख ₹27.49 लाख ₹20.62 लाख

15% रिटर्न पर कितना ज्यादा पैसा?

दोनों रिटर्न के बीच सिर्फ 3% का अंतर है। लेकिन 20 साल बाद फंड में इसका असर काफी बड़ा दिखता है।

12% रिटर्न पर अनुमानित फंड करीब ₹19.69 लाख बनता है। वहीं, 15% रिटर्न पर यह करीब ₹27.49 लाख पहुंच सकता है। दोनों में करीब ₹7.80 लाख का अंतर है।

स्टेप-अप SIP का फायदा

इस रणनीति में आप शुरुआत कम रकम से कर सकते हैं। बाद में आमदनी बढ़ने पर SIP भी बढ़ाई जा सकती है। इससे लंबे समय में निवेश की कुल रकम और कंपाउंडिंग का फायदा दोनों बढ़ते हैं।

हालांकि, यह कैलकुलेशन सिर्फ अनुमान है। 12% और 15% रिटर्न को पूरे 20 साल तक स्थिर माना गया है। म्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। बाजार के उतार-चढ़ाव के हिसाब से असली रिटर्न ज्यादा या कम हो सकता है।

इन 5 बातों का रखें ध्यान

  • हर साल SIP बढ़ाना जरूरी नहीं है। पहले अपनी इनकम और खर्च देखें। उतनी ही Step-Up SIP चुनें, जिसे लंबे समय तक जारी रख सकें।
  • रिटर्न को गारंटीड नहीं मानना चाहिए। 12% और 15% सिर्फ अनुमानित रिटर्न हैं। शेयर बाजार में वास्तविक रिटर्न कम या ज्यादा हो सकता है।
  • लंबे समय के लिए निवेश करना चाहिए। बीच में बाजार गिरने पर SIP बंद करने से कंपाउंडिंग का फायदा कम हो सकता है।
  • हर साल SIP बढ़ाने से निवेश पर बोझ बढ़ेगा। इसलिए सैलरी बढ़ने के साथ SIP बढ़ाने की योजना बनाना बेहतर हो सकता है।
  • इमरजेंसी फंड और इंश्योरेंस पहले रखें। निवेश से पहले पर्याप्त इमरजेंसी फंड और जरूरी बीमा कवर होना भी जरूरी है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

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