SIP रोकने वालों के लिए बड़ी वॉर्निंग: मार्केट क्रैश के बीच ही आए इतिहास के सबसे बेस्ट दिन, एसआईपी बंद की तो पछताएंगे
SIP Investment Strategy During Market Crash: बुधवार को सेंसेक्स में 1,677 अंकों की भारी गिरावट आई, लेकिन इसके ठीक अगले ही दिन गुरुवार को बाजार फिर से हरे निशान में लौट आया। मार्केट के इस भारी उतार चढ़ाव से बहुत से म्यूचुअल फंड और SIP निवेशक घबरा जाते हैं। लेकिनएक रिपोर्ट ने एक बेहद चौंकाने वाला सच सामने रखा है। जानिए बाजार की गिरावट में आपको अपनी SIP क्यों नहीं रोकनी चाहिए
मार्केट के इतिहास के 30 सबसे अच्छे रिटर्न देने वाले दिनों में से 29 दिन बड़ी मंदी या क्रैश के दौरान या उसके ठीक आस-पास आए थे
SIP Investment Strategy During Market Crash: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। बुधवार को सेंसेक्स में 1,677 अंकों की भारी गिरावट आई, लेकिन इसके ठीक अगले ही दिन गुरुवार को बाजार फिर से हरे निशान में लौट आया।
बाजार के इस व्यवहार से बहुत से म्यूचुअल फंड और SIP निवेशक घबरा जाते हैं। लेकिन फंड्सइंडिया की जून 2026 की एक रिपोर्ट ने एक बेहद चौंकाने वाला सच सामने रखा है। आइए जानते हैं बाजार की गिरावट में आपको अपनी SIP क्यों नहीं रोकनी चाहिए और कैसे क्रैश के दौरान ही अमीर बनने की असली नींव रखी जाती है।
सबसे बड़ी मंदी में ही आते हैं सबसे अच्छे दिन
फंड्सइंडिया वेल्थ कन्वर्सेशंस रिपोर्ट (जून 2026) के मुताबिक, जनवरी 2005 से मई 2026 के बीच के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इस दौरान मार्केट के इतिहास के 30 सबसे अच्छे रिटर्न देने वाले दिनों में से 29 दिन बड़ी मंदी या क्रैश के दौरान या उसके ठीक आस-पास आए थे। केवल 1 अच्छा दिन ऐसा था जो सामान्य दिनों में आया।
2008 का फाइनेंशियल क्रैश: इस मंदी में मार्केट करीब 60% तक टूट गया था, लेकिन इतिहास के 30 सबसे अच्छे दिनों में से 22 दिन इसी क्रैश के दौरान आए। जिन लोगों ने डरकर शेयर बेच दिए, वे बाद की रिकवरी का फायदा उठाने से चूक गए।
2020 का कोविड क्रैश: कोरोना काल में मार्केट करीब 40% गिरा था, लेकिन टॉप 30 में से 4 सबसे अच्छे दिन इसी दौरान दिखे। इतिहास का दूसरा सबसे अच्छा दिन 7 अप्रैल 2020 था, जब मार्केट एक ही दिन में 8.8% उछल गया था।
2006 का मार्केट करेक्शन: इस दौरान बाजार 30% गिरा था, लेकिन इतिहास के टॉप 30 सर्वश्रेष्ठ दिनों में से 3 दिन इसी करेक्शन के बीच देखने को मिले थे।
सिर्फ कुछ दिन चूकने से खत्म हो जाता है बड़ा मुनाफा
मार्केट का यह डेटा दिखाता है कि लॉन्ग-टर्म रिटर्न कुछ गिने-चुने जादुई दिनों पर ही निर्भर करता है।
इतिहास के टॉप 5 सबसे अच्छे दिनों ने मिलकर 56.2% का संचयी रिटर्न दिया।
टॉप 10 सबसे अच्छे दिनों ने 111.5% और टॉप 20 दिनों ने मिलकर 261.4% का बंपर मुनाफा कमा कर दिया।
चूंकि सबसे अच्छे दिन और सबसे बुरे दिन बिल्कुल आस-पास आते हैं, इसलिए किसी भी निवेशक के लिए बाजार से बाहर निकलने और सही समय पर वापस एंट्री करने का टाइम तय करना नामुमकिन है।
क्रूड ऑयल और मिडिल ईस्ट का भारतीय बाजार पर असर
बाजार में हालिया गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई थी जिसमें उन्होंने ईरान के साथ शांति समझौते को 'खत्म' बताया था। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। चूंकि भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश का खर्च बढ़ता है और महंगाई का खतरा रहता है, जिससे बाजार का सेंटिमेंट बिगड़ता है। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये शॉर्ट-टर्म चुनौतियां हैं।
एक्सपर्ट्स की सलाह: SIP निवेशकों को इस समय क्या करना चाहिए?
1. SIP चालू रखें: ट्रूनोर एंटरप्राइजेस के सीएफपी (CFP) लेफ्टिनेंट कर्नल रोचक बख्शी के मुताबिक, 'शॉर्ट-टर्म की भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण अपनी朗न्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी को नहीं बदलना चाहिए। गिरावट में निवेश जारी रखने से औसत खरीद लागत कम हो जाती है, जो लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने में मदद करती है।' जब मार्केट गिरता है, तो आपकी SIP में ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। जब मार्केट सुधरता है, तो वे एक्स्ट्रा यूनिट्स बंपर रिटर्न देती हैं।
2. वित्तीय लक्ष्यों और रिस्क की समीक्षा करें: स्टॉकटिक कैपिटल के फाउंडर विजय माहेश्वरी (CWM) सलाह देते हैं कि हेडलाइंस देखकर भावुक फैसले लेने के बजाय यह सही समय है जब आप देखें कि आपका निवेश आपके वित्तीय लक्ष्यों और रिस्क लेने की क्षमता से मैच कर रहा है या नहीं।
3. इमरजेंसी फंड तैयार रखें: निवेशकों के पास हमेशा 6 से 12 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड होना चाहिए ताकि मार्केट क्रैश के समय उन्हें मजबूरी में अपने लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट को नुकसान में न बेचना पड़े। अगर आपके पास अतिरिक्त कैश है, तो गिरावट में थोड़ा-थोड़ा करके और पैसा डाल सकते हैं।
बुधवार की भारी गिरावट के बाद गुरुवार यानी आज बाजार की रिकवरी इस बात का प्रमाण है कि मार्केट कितनी तेजी से बदलता है। एसआईपी निवेशकों के लिए सबसे समझदारी भरा कदम यही है कि वे अनुशासन बनाए रखें और अपनी मंथली एसआईपी को बिना डरे चलने दें।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।