SIP vs SSY: अगर आप हर महीने ₹3,000 बचा सकते हैं तो आपके सामने निवेश के कई विकल्प हैं। इनमें SIP और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) भी शामिल हैं। लेकिन दोनों की पैसे बढ़ाने का तरीका काफी अलग है।
SIP vs SSY: अगर आप हर महीने ₹3,000 बचा सकते हैं तो आपके सामने निवेश के कई विकल्प हैं। इनमें SIP और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) भी शामिल हैं। लेकिन दोनों की पैसे बढ़ाने का तरीका काफी अलग है।
SIP बाजार से जुड़ा निवेश है। इसमें रिटर्न तय नहीं होता। वहीं SSY सरकार की छोटी बचत योजना है। फिलहाल इसमें 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। ब्याज सालाना कंपाउंड होता है। अब सवाल है कि हर महीने ₹3,000 लगाने पर दोनों में कितना पैसा बन सकता है?
15 साल में कितना पैसा बनेगा?
मान लेते हैं कि SIP से औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है। लॉन्ग टर्म में अच्छे म्यूचुअल फंड से इतने ही रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, मार्केट से जुड़ा होने के नाते रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। दूसरी तरफ SSY में मौजूदा 8.2% ब्याज दर है। इसमें सरकार बदलाव कर सकती है। दोनों में हर महीने ₹3,000 निवेश करने पर तस्वीर कुछ ऐसी बनती है।
| अवधि | कुल निवेश | SIP का फंड | SSY का फंड |
| 5 साल | ₹1.80 लाख | ₹2.47 लाख | ₹2.16 लाख |
| 10 साल | ₹3.60 लाख | ₹6.97 लाख | ₹5.42 लाख |
| 15 साल | ₹5.40 लाख | ₹15.14 लाख | ₹10.64 लाख |
यानी 15 साल में आप दोनों जगह कुल ₹5.40 लाख जमा करेंगे। लेकिन अनुमानित रिटर्न के हिसाब से SIP में करीब ₹15.14 लाख और SSY में करीब ₹10.64 लाख हो सकते हैं।
SSY में एक बड़ा फर्क समझिए
यहां एक जरूरी बात है। SSY में बेटी के नाम खाते में 15 साल तक पैसा जमा किया जाता है। खाता खुलने की तारीख से 21 साल बाद यह मैच्योर होता है। यानी 15 साल तक ₹3,000 जमा करने के बाद भी पैसा तुरंत हाथ में नहीं आता। अगर 15 साल बाद SSY में जमा करीब ₹10.64 लाख को अगले 6 साल तक 8.2% की दर से बढ़ने दें, तो यह रकम लगभग ₹17 लाख हो सकती है।
इसके मुकाबले अगर SIP में ₹3,000 की मासिक SIP पूरे 21 साल तक चलती रहे और औसतन 12% रिटर्न मिले, तो रकम करीब ₹34.16 लाख हो सकती है।
फिर कौन बेहतर है?
इसका सीधा जवाब नहीं है। दोनों का मकसद अलग है। अगर आप बेटी की पढ़ाई या भविष्य के लिए सुरक्षित और तय नियमों वाली बचत चाहते हैं तो SSY एक विकल्प हो सकती है। इसमें सरकार की ब्याज दर लागू होती है और खाता 21 साल में मैच्योर होता है।
वहीं अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में ज्यादा कॉर्पस बनाना है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम ले सकते हैं तो SIP पर विचार किया जा सकता है।
इसलिए निवेश चुनते समय सिर्फ यह न देखें कि पैसा कहां ज्यादा बन रहा है। यह भी देखें कि आपका लक्ष्य क्या है, कितने समय के लिए निवेश करना है और आप कितना जोखिम उठा सकते हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।