Sovereign Gold Bond: ₹1 लाख बना ₹4.61 लाख! गोल्ड की इस स्कीम में पैसे लगाने वालों की लॉटरी, मिला 361% का छप्परफाड़ रिटर्न

Sovereign Gold Bond Redemption: अगर किसी निवेशक ने इसके लॉन्च के समय ऑनलाइन माध्यम से इसमें ₹1 लाख का निवेश किया था, तो सोने की कीमतों में आई उछाल के कारण आज उसकी वैल्यू बढ़कर लगभग ₹4.61 लाख हो चुकी है। यह आंकड़ा हर साल मिलने वाले 2.5% के निश्चित ब्याज के अलावा है

अपडेटेड Aug 12, 2026 पर 10:50 AM
निवेशकों के लिए SGB 2018-19 Series VI की जारी कीमत ₹3,276 प्रति ग्राम थी, जो अब 15,102 प्रति ग्राम हो गई है

SGB Premature Redemption: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय रिजर्व बैंक ने SGB 2018-19 Series VI के लिए प्री-मैच्योर रिडेम्पशन यानी समय से पहले निकासी की कीमत का ऐलान कर दिया है। 12 अगस्त 2026 से इस सीरीज के निवेशकों के पास अपने बॉन्ड भुनाने का विकल्प उपलब्ध हो गया है। RBI द्वारा तय की गई नई रिडेम्पशन कीमत के अनुसार, निवेशकों को मूल निवेश पर 361% से ज्यादा का बंपर रिटर्न मिला है।

RBI ने तय की ₹15,102 प्रति ग्राम की रिडेम्पशन कीमत

आरबीआई के नियमों के अनुसार, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन कारोबारी दिनों के क्लोजिंग प्राइस के सिंपल एवरेज के आधार पर रिडेम्पशन प्राइस तय किया जाता है।


रिडेम्पशन प्राइस: ₹15,102 प्रति यूनिट (ग्राम)

लागू तिथि: 12 अगस्त 2026 से

आरबीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक, SGB के जारी होने की तारीख से 5 साल पूरे होने के बाद ब्याज भुगतान की तारीख पर निवेशकों को प्री-मैच्योर विड्रॉल की अनुमति दी जाती है।

निवेशकों को कैसे मिला 361% का रिटर्न?

ऑनलाइन आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए SGB 2018-19 Series VI की जारी कीमत ₹3,276 प्रति ग्राम थी।

प्रति ग्राम मुनाफा: ₹15,102 - ₹3,276 = ₹11,826 प्रति ग्राम का शुद्ध मुनाफा

रिटर्न का प्रतिशत: यह वृद्धि बिना किसी ब्याज को जोड़े 361.11 प्रतिशत का एब्सोल्यूट रिटर्न दर्शाती है।

जिन निवेशकों ने ऑफलाइन माध्यम से आवेदन किया था, उनके लिए इश्यू प्राइस ₹3,326 प्रति ग्राम था। बता दें कि सरकार ऑनलाइन आवेदकों को ₹50 प्रति ग्राम की छूट देती है।

₹1 लाख का बना ₹4.61 लाख: अगर किसी निवेशक ने इसके लॉन्च के समय ऑनलाइन माध्यम से इसमें ₹1 लाख का निवेश किया था, तो सोने की कीमतों में आई उछाल के कारण आज उसकी वैल्यू बढ़कर लगभग ₹4.61 लाख हो चुकी है। यह आंकड़ा हर साल मिलने वाले 2.5% के निश्चित ब्याज के अलावा है।

प्री-मैच्योर रिडेम्पशन पर क्या है टैक्स का नियम?

SGB पर मिलने वाले टैक्स लाभ के नियमों में बदलाव किए गए हैं, जिन्हें ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। 1 अप्रैल से लागू नए टैक्स नियमों के अनुसार, अगर कोई निवेशक 8 साल की पूर्ण अवधि से पहले यानी 5 साल बाद प्री-मैच्योर रिडेम्पशन का विकल्प चुनता है, तो उसे मिलने वाले कैपिटल गेंस पर नियम अनुसार टैक्स देना होगा।

कैपिटल गेंस टैक्स में पूरी छूट केवल उन मूल निवेशकों को मिलती है जो बॉन्ड को पूरे 8 साल की मैच्योरिटी अवधि तक होल्ड करके रखते हैं। सेकेंडरी मार्केट से SGB खरीदने वाले निवेशकों को 8 साल तक होल्ड करने पर भी टैक्स-फ्री रिडेम्पशन का लाभ नहीं मिलेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।