SBI new MCLR Rate: देश के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने MCLR में 25 बेसिस प्वाइंट यानी 0.25 फीसदी की बढ़ोतर कर दी है। SBI के इस बढ़ोतरी के बाद होम, कार और पर्सनल लोन ग्राहकों की EMI बढ़ जानें वाली है। साथ ही नया होम, कार या पर्सनल लोन लेना महंगा हो जाएगा क्योंकि पहले से ज्यादा ब्याज चुकाना होगा। ये नई ब्याज दरें आज 15 दिसंबर से लागू होंगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट में 35 बेसिस प्वाइंट यानी 0.35 फीसदी की बढ़ोतर के बाद ये दर 6.25% हो गई है। इसके बाद ज्यादातर बैंकों ने MCLR बढ़ाना शुरू कर दिया है। मई में 40 बेसिस प्वाइंट, जून, अगस्त और सितंबर में हर बार 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की। अब पिछले हफ्ते आरबीआई ने रेपो रेट में 0.35 फीसदी का इजाफा किया, ये पांचवीं बार बढ़ोतरी की गई। कुल मिलाकर आरबीआई मई 2022 से अब तक 2.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर चुका है। अब इस नई बढ़ोतरी के बाद बैंकों को आरबीआई से लोन 6 फीसदी से अधिक के ब्याज पर मिलेगा।
SBI के MCLR में रिवीजन के बाद ओवरनाइट MCLR 7.60% से बढ़कर 7.85% हो गया है। एक महीने और तीन महीने के लिए MCLR 7.75% से बढ़ाकर 8.00% कर दिया गया है। छह महीने और एक साल के लिए MCLR 8.05% से बढ़ाकर 8.30% कर दिया गया है। रिवीजन के बाद दो साल के लिए MCLR 8.25% से बढ़ाकर 8.50% कर दिया गया है। तीन साल के के लिए MCLR 8.35% से बढ़ाकर 8.60% कर दिया गया है।
क्या आगे भी ब्याज में बढ़ोतरी हो सकती है?
ब्याज दरों में यह बढ़ोतरी महंगाई के कारण होती है। अब रिटेल महंगाई दर 6 फीसदी से नीचे यानी 5.8 फीसदी पर आ गई है। ये आरबीआई की महंगाई को लेकर बनाई गई रेन्ज में है। ऐसे में आगे उम्मीद है कि आरबीआई रेपो रेट नहीं बढ़ाएगा, अगर महंगाई दर नियंत्रण में रहती है। इसके अलावा थोक महंगाई दर 21 महीने के निचले स्तर 5.85 फीसदी पर है। वहीं, बैंक MCLR अपनी पैसा जुटाने की लागत और ऑपरेटिंग कॉस्ट के आधार पर तय करते हैं। सभी तरह के लोन MCLR से जुड़े होते हैं।