एक आइडिया में लाइफ बदलने की ताकत होती है। Dunzo’s के हेड कबीर बिस्वास ने एक मामूली व्हाट्सएप ग्रुप से अपना स्थानीय डिलीवरी बिजनेस शुरू किया, जो अब बहुत बड़ा हो गया है। 1984 में जन्मे कबीर ने 19 साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया था, जिसके बाद उनकी देखभाल की जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय (2000-2004) में कंप्यूटर में इलेक्ट्रॉनिक्स में ग्रेजुएश किया और बाद में नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से MBA की डिग्री ली।
एयरटेल के साथ की करियर की शुरआत
कबीर ने एमबीए के बाद 2007 में ग्रामीण एनपीडी के रूप में भारती एयरटेल लिमिटेड में काम शुरू किया। 2 साल के अंदर उन्हें सोशल, कम्यूनिटी और लोकेशन बेस्ड सर्विस के लिए प्रमोट कर दिया गया। वह वीडियोकॉन टेलीकम्युनिकेशंस लिमिटेड में चले गए और अक्टूबर 2010 से लगभग तीन महीने तक प्रोडक्ट डेवलपमेंट का काम किया। इस नौकरी के बाद कबीर ने Y2CF डिजिटल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रोडक्ट सेगमेंट में काम किया। वहां, उन्होंने हॉपर की शुरुआत की जिसे बाद में 2014 में हाइक ने ले लिया। इन सभी अनुभवों के बाद कबीर ने जनवरी 2015 में अपने स्थानीय डिलीवरी सेटअप Dunzo की शुरुआत की। ये शुरुआत एक छोटे से व्हाट्सएप ग्रुप से की।
रिपोर्ट के अनुसार कबीर का मानना था कि टेक बेस्ड बिजनेस में बेस्ट सर्विस का होना जरूरी है। खासकर जिसमें डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स शामिल हो। उन्होंने अपनी समझ और विजन से इस ब्रांड को खड़ा किया। Dunzo की डिलीवरी सर्विस अब बंगलुरु, दिल्ली, गुरुग्राम, पुणे, चेन्नई, जयपुर, मुंबई और हैदराबाद जैसे टॉप शहरों में मिल रही है। सर्विस की शुरुआत में इंदिरानगर, कोरमंगला और सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रीक्ट से की थी।
Dunzo साल 2017 में Google से फंडिंग हासिल करने वाली पहली भारतीय टेक कंपनी के रूप में इतिहास रचा। जनवरी 2022 तक कुल $700 मिलियन की फंडिंग जमा की। जनवरी 2022 में रिलायंस रिटेल ने $240 मिलियन का निवेश किया। कंपनी हाइपरलोकल डिलीवरी स्टार्टअप है जो एक क्लिक के साथ शहर के कोनों में प्रोडक्ट डिलीवर करती है। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि Dunzo की कुल संपत्ति $775 मिलियन (लगभग 6,400 करोड़ रुपये) है।