Supreme Court Verdict on EPS: एंप्लॉयीज चार महीने के अंदर Enhanced Pension Coverage का फायदा उठा सकते हैं

सुप्रीम कोर्ट ने 4 नवंबर को एंप्लॉयीज पेंशन अमेंडमेंट स्कीम, 2014 के प्रावधानों को वैध करार दिया था। लेकिन, 15,000 रुपये से ज्यादा की सैलरी पर 1.16 फीसदी के अनिवार्य कंट्रिब्यूशन के प्रावधान को रद्द कर दिया था। इसका मतलब है कि अब एंप्लॉयीज पेंशन फंड में ज्यादा कंट्रिब्यूट कर सकेंगे। इससे उन्हें रिटायरमेंट के बाद ज्यादा पेंशन मिलेगी

अपडेटेड Nov 07, 2022 पर 1:09 PM
सुप्रीम कोर्ट ने उन कंपनियों को भी इस सिस्टम को लागू करने के कहा है, जो अपने एंप्लॉयीज के पेंशन फंड का प्रबंधन खुद करती हैं। इन्हें Exempted Provident Fund Trusts कहा जाता है।

Supreme Court Verdict on EPS:अगर आपने 2014 से पहले Enhanced Pension Coverage का विकल्प नहीं चुना था तो फिर से आपके लिए एक मौका है। आप चार महीने के अंदर इस विकल्प को सेलेक्ट कर सकते हैं। Supreme Court ने शुक्रवार को अपने फैसले में यह कहा है।

वास्तविक सैलरी का 8.33 फीसदी कंट्रिब्यूशन

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जो एंप्लॉयीज 1 सितंबर, 2014 को EPS के मेंबर थे वे अपनी वास्तविक सैलरी (Actual Salary) का 8.33 फीसदी पेंशन फंड में कंट्रिब्यूट कर सकते हैं। अब तक पेंशन के लिए सैलरी की 15,000 रुपये प्रति माह की सीमा तय थी। इस 15,000 रुपये से हर महीने 8.33 फीसदी का कंट्रिब्यूशन पेंशन फंड में होता था।


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एंप्लॉयीज पेंशन अमेंडमेंट स्कीम, 2014 के प्रावधान वैध

सुप्रीम कोर्ट ने 4 नवंबर को एंप्लॉयीज पेंशन अमेंडमेंट स्कीम, 2014 के प्रावधानों को वैध करार दिया था। लेकिन, 15,000 रुपये से ज्यादा की सैलरी पर 1.16 फीसदी के अनिवार्य कंट्रिब्यूशन के प्रावधान को रद्द कर दिया था। इसका मतलब है कि अब एंप्लॉयीज पेंशन फंड में ज्यादा कंट्रिब्यूट कर सकेंगे। इससे उन्हें रिटायरमेंट के बाद ज्यादा पेंशन मिलेगी।

पेंशन फंड में ज्यादा कंट्रिब्यूशन का रास्ता खुला

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी पेंशन फंड में ज्यादा कंट्रिब्यूट कर सकेंगे। अगर उन्होंने ज्यादा पेंशन की स्कीम को नहीं चुना है तो उन्हें इसमें शामिल होने के लिए चार महीने का समय दिया गया है। इस दौरान उन्हें अपने एंप्लॉयर से मिलकर इसके लिए संयुक्त रूप से आवेदन करना होगा।

पहले कानून में नहीं था पेंशन का प्रावधान

Employees’ Provident Funds and Miscellaneous Provisions Act, 1952 में पेंशन का प्रावधान शामिल नहीं था। 1995 में इसमें संशोधन किया गया। एंप्लॉयीज के पेंशन के लिए प्रावधान किए गए। इसके मुताबिक, पेंशन के लिए 8.33 फाीसदी कंट्रिब्यूशन का नियम बनाया गया। इसके लिए पेंशनएबल सैलरी पहले 5000 रुपये तय की गई। फिर, इसे बढ़ाकर 6,500 रुपये प्रति माह कर दिया गया। साल 2014 में संशोधन के बाद इसे बढ़ाकर प्रतिमाह 15,000 रुपये कर दिया गया।

Exempted Provident Fund Trusts पर भी लागू होगा फैसला

लेकिन, 2014 में ज्यादातर एंप्लॉयीज बढ़ी हुई पेंशन स्कीम में शामिल नहीं हो सके। ऐसे कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चार महीने के अंदर इनहैन्स्ड पेंशन स्कीम में शामिल हो सकते हैं। अब उनकी वास्तविक सैलरी से 8.33 फीसदी कंट्रिब्यूशन पेंशन फंड में होगा। खास बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने उन कंपनियों को भी इस सिस्टम को लागू करने के कहा है, जो अपने एंप्लॉयीज के पेंशन फंड का प्रबंधन खुद करती हैं। इन्हें Exempted Provident Fund Trusts कहा जाता है।

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