31 मार्च यानी आज के कारोबार में बाजार की लगातार 3 दिनों की तेजी को लगाम लग गया और घटनाओं से भरे वित्त वर्ष 2021-22 के अंतिम दिन बाजार लाल निशान में बंद हुआ। बता दें कि इसी साल अक्टूबर में बाजार ने अपना ऑल टाईम हाई छुआ था और उसके बाद से ही इसमें गिरावट आनी शुरु हुई थी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स आज 115.48 अंक यानी 0.20 फीसदी की गिरावट के साथ 58,568.51 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 33.50 अंक यानी 0.19 फीसदी की टूटकर 17464.75 के स्तर पर बंद हुआ।
अगर इस पूरे साल में बाजार की चाल पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2021-22 भारतीय बाजार के लिए घटनाओं से भरा साल रहा। इस साल भारतीय बाजार में अभूतपूर्व तेजी देखने को मिली और अक्टूबर में यह अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया लेकिन उसके बाद यूएस फेड के कठोर नजरिए, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव ने बाजी पलट दी।
उसके बाद जनवरी में नया साल बाजार में और दिक्कतें लेकर आया। जनवरी के शुरुआत से ही रूस और यूक्रेन के बीच धीरे-धीरे तनाव बढ़ना शुरु हुआ। फिर उसके बाद ये फरवरी में रूस और यूक्रेन के बीच एक पूर्ण युद्ध में बदल गया। इन घटनाओं के चलते भारतीय बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX 24 फरवरी को 32 फीसदी के हाई पर पहुंच गया। यह वह दिन था जब रूस ने यूक्रेन पर अपना आक्रमण शुरु किया था। इसी दिन भारतीय बाजार में 2022 की अब तक की सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट देखने को मिली लेकिन इस उठापटक के बावजूद वित्त वर्ष 2022 में निफ्टी ने दुनिया के अधिकांश बाजारों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
वित्त वर्ष 2022 में अब तक निफ्टी ने 19 फीसदी का रिटर्न दिया है जबकि इसी अवधि में अमेरिका के S&P 500 इंडेक्स और इंग्लैड के FTSE 100 इंडेक्स ने 16 फीसदी और 13 फीसदी का रिटर्न दिया है जबकि फ्रांस के CAC 40 में 11 फीसदी और NASDAQ में सिर्फ 9 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली।
इस साल के दौरान एशिया के दूसरे बड़े इंडेक्स भी दबाव में रहे हैं। हॉगसग के Hang Seng में 22 फीसदी की गिरावट आई है जबकि चीन के शंघाई इंडेक्स में वित्त वर्ष 2022 में 16 फीसदी की गिरावट आई है जबकि निक्केई FY22 में 4 फीसदी टूटा है।
1 अप्रैल को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Sharekhan के गौरव रत्नपारखी का कहना है कि 31 मार्च यानी आज के कारोबार में निफ्टी पॉजिटिव नोट के साथ खुला। किंतु यह अपने पिछले 3 करोबारी सत्रों की लगातार तेजी को बनाए रखने में सफल नहीं रहा। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से निफ्टी 17,500 के अहम रजिस्टेंस के आसपास चक्कर लगा रहा है। इस बाधा को पार करके ऊपर टिके रहने की असफलता से इस बात का संकेत मिलता है कि इंडेक्स शॉर्ट टर्म में 17,000-17,500 के रेंज में कंसोलीडेट करता नजर आ सकता है।
आवर्ली चार्ट से इस बात का संकेत मिलता है कि निफ्टी ने एक राइजिंग चैनल से ब्रेकडाउन दिया है। इस ब्रेकडाउन का साथ बियरिश ऑवर्ली मोमेंटम इंडिकेटर भी दे रहा है। उम्मीद है कि डेली चार्ट पर निफ्टी 17,387-17,343 के गैप एरिया को भरने में सफल रहेगा। शॉर्ट टर्म ट्रेडरों को इस लेवल के आसपास मुनाफावसूली करने की सलाह होगी और किसी नई लॉन्ग पोजिशन के पहले बाजार में कुछ गिरावट का इंतजार करना होगा।
Kotak Securities के श्रीकांत चौहान का कहना है कि भारतीय बाजार ने आज कमजोर ग्लोबल संकेतों के चलते कमजोरी दिखाई। गौतरलब है कि अब तक दुनिया भर के अधिकांश बाजार कच्चे तेल के भाव में आई नरमी और रूस-यूक्रेन के तनाव के कम होने के संभावना के बीच काफी रैली भी दिखा चुके थे। इस हफ्ते के दौरान अच्छी तेजी दिखाने के बाद इन्वेस्टर एक्सपायरी के दिन निगेटिव रुझान के साथ सतर्क नजर आए।
टेक्निकल तौर पर देखें तो एक अच्छी तेजी देखने के बाद निफ्टी अब एक छोटे दायरे में ट्रेड करता नजर आ रहा है और इसने अपने अहम रजिस्टेंस लेवल के पास एक छोटा बियरिश कैंडल बना लिया है। हालांकि बाजार का शॉर्ट टर्म ट्रेड अभी भी पॉजिटिव साइड पर नजर आ रहा है। पोजिशनल ट्रेडरों के लिए 17,400 और 17,350 के स्तर पर अहम सपोर्ट दिख रहा है । अगर निफ्टी इन लेवलों के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता है तो फिर यह हमें 17,600-17,675 की तरफ जाता दिख सकता है। वहीं अगर निफ्टी 17350 के नीचे फिसलता है तो कमजोरी बढ़ सकती है।