Delhivery IPO:लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery के आईपीओ प्लान की जानकारी रखने वाले एक इनवेस्टमेंट बैंकर के मुताबिक कंपनी जून 2022 तिमाही में अपना आईपीओ लेकर आ सकती है। गुडगांव स्थित इस कंपनी ने नवंबर महीने में सेबी में अपने आईपीओ से संबंधित अर्जी दाखिल की थी। वहीं सेबी ने जनवरी 2022 में इस आईपीओ को मंजूरी दे दी थी।
गौरतलब है कि यूएस फेड के कठोर रवैये और रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद 2021 में रिकॉर्ड तोड़ने वाले आईपीओ बाजार में मंदी देखने को मिली है लेकिन रूस और यूक्रेन के बीच चल रही शांति-वार्ता से कुछ पॉजिटिव संकेत मिलने के साथ ही पिछले 1 हफ्ते के दौरान बाजार में सुधार देखने को मिला है।
एक बैंकर ने इस मौके पर कहा कि यदि बाजार में इसी तरह सुधार जारी रहता है तो हमें प्राथमिक बाजार में Delhivery का आईपीओ आता नजर आ सकता है। गौरतलब है कि पिछले 1 हफ्ते में 4 आईपीओ लॉन्च हुए हैं। जबकि जनवरी से फरवरी के बीच केवल 3 आईपीओ लॉन्च हुए थे।
Delhivery के आईपीओ की साइज करीब 7000 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। Delhivery भारत की सबसे बड़ी मल्टीमॉडल फुल्ली इंटिग्रेटेड लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन कंपनी है।
मोतीलाल ओसवाल ने हाल ही में जारी अपने नोट में कहा है कि घरेलू लॉजिस्टिक्स सेक्टर में ग्रोथ के काफी बड़े मौके हैं। आगे हमें इस सेक्टर में सालाना आधार पर 9 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। वित्त वर्ष 2020-26 के बीच इस सेक्टर का आकार बढ़कर 365 अरब डॉलर के आसपास पहुंच सकता है। टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन पर फोकस के कारण इस सेक्टर की संगठित क्षेत्र की कंपनियों को काफी अच्छा फायदा होता नजर आयेगा।
Delhivery (डेल्हीवरी) ने वित्त वर्ष FY20 में 2,780 करोड़ रुपये के मुकाबले 3,646.5 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया। कंपनी का घाटा पिछले वित्त वर्ष के 269 करोड़ रुपये से बढ़कर 415.7 करोड़ रुपये हो गया। डेल्हीवरी ने जून 2021 को समाप्त तिमाही में 129 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान के साथ 1,317 करोड़ रुपये का रेवेन्यू पोस्ट किया था।कंपनी के 21,000 से अधिक ग्राहक हैं, जिनमें डायरेक्ट-टू-होम कंपनियां और ई-कॉमर्स फर्म शामिल हैं। गुरुग्राम स्थित ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप का पुरे भारत नेटवर्क है और वर्तमान में कंपनी 17,045 पोस्टल इंडेक्स नंबर (पिन) कोड को सेवाएं दे रही है।