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इस बार 31 मार्च से पहले टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट में नहीं करें ये 4 गलतियां

अगर आपने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए टैक्स-सेविंग्स नहीं किया है तो इसके लिए डेडलाइन 31 मार्च है। इसके बाद किए गए टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट पर आप इस वित्त वर्ष के लिए डिडक्शन का दावा नहीं कर पाएंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 05, 2024 पर 2:40 PM
इस बार 31 मार्च से पहले टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट में नहीं करें ये 4 गलतियां
आप 31 मार्च तक इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80सी के तहत आने वाले इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं।

फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट (Tax-Savings Investment) की आखिरी तारीख 31 मार्च है। अगर आपने इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम को सेलेक्ट किया है तो 31 मार्च तक इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80सी के तहत आने वाले इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर आप डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। अगर आपने अब तक टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट नहीं किया है तो आपको अंतिम तारीख का इंतजार नहीं करना चाहिए। मनीकंट्रोल आपको कुछ टिप्स बता रहा है, जिनका ध्यान रखने से आप टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट कर ज्यादा फायदा उठा सकते हैं।

1. पहले से किए गए निवेश की अनदेखी नहीं करें

कई बार जल्दबाजी में टैक्स बचाने की कोशिश में हम लिमिट से ज्यादा निवेश कर देते हैं। ध्यान में रखना जरूरी है कि सेक्शन 80सी के तहत एक वित्त वर्ष में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। अगर आप बच्चों की ट्यूशन फीस चुकाते हैं तो सबसे पहले उस पर डिडक्शन का फायदा उठाना बुद्धिमानी है। उसके बाद आपको दूसरे टैक्स-सेविंग निवेश के बारे में सोचना चाहिए। दो बच्चों तक की ट्यूशन फीस पर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत है। अगर आपके दो बच्चों की फीस एक साल में एक लाख रुपये तक जाती है तो आपको सिर्फ 50,000 रुपये अतिरिक्त निवेश करने की जरूरत है। यह पैसा आप पीपीएफ या म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम में निवेश कर सकते हैं।

2. टैक्स बचाने के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं खरीदें

कई लोग टैक्स बचाने के लिए इंश्योरेंस कंपनियों के एन्डॉमेंट प्रोडक्ट्स में निवेश करते हैं। ऐसा करना फायदेमंद नहीं है। इंश्योरेंस का मकसद प्रोटेक्शन है न कि इनवेस्टमेंट। अगर आपके पास पहले से टर्म पॉलिसी है और उसका कवर पर्याप्त है तो आपको इंश्योरेंस कंपनी के नए प्रोडक्ट में निवेश नहीं करना चाहिए। इसकी वजह यह है कि इसका रिटर्न करीब 5-6 फीसदी होता है। दूसरा, यह लंबी अवधि का निवेश होता है।

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