Income Tax Return: इनकम टैक्स रिटर्न भरना हुआ आसान, जानिए क्या है AIS? कैसे करें डाउनलोड?
Annual Information Statement: एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS), पुराने फॉर्म 26AS की तुलना में अधिक विस्तृत है और इसमें टैक्सपेयर्स की वह सभी जानकारी शामिल होती है, जो इनकम टैक्स विभाग के पास पहले से है
MoneyControl News
अपडेटेड Jul 21, 2022 पर 7:50 PM
नए फॉर्म 26AS को ही वार्षिक सूचना विवरणी (AIS) कहते हैं
Annual Information Statement: वार्षिक सूचना विवरण यानी एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) एक ऐसा टूल या जरिया है जो टैक्यपेयर्स को उन जानकारियों के बारे में बताता है जो टैक्स डिपार्टमेंट के पास पहले है। एक वित्त वर्ष में टैक्सपेयर्स जितने भी वित्तीय लेनदेन करता है, उन सभी का AIS में विस्तृत ब्योरा होता है। साथ ही इसमें इनकम टैक्स एक्सट 1961 के तहत जरूरी सभी जानकारियां भी शामिल है।
एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में ब्याज, डिविडेंड, स्टॉक्स से जुड़े ट्रांजैक्शन, म्यूचुअल फंड ट्रांजैक्शन, विदेशों से आपके खाते में आई राशि आदि से जुड़ी जानकारी शामिल होती है। टैक्सपेयर्स अपने AIS से जुड़ी जानकारी को PDF, JSOAN, CSV आदि फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं।
आइए एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) के बारे में कुछ अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब जानते हैं, जिन्हें खुद इनकम टैक्स विभाग ने जारी किया है-
1. AIS यानि एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट क्या है?
सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने और टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 28 मई 2022 को फॉर्म 26AS में बदलाव किया था। नए फॉर्म 26AS को ही वार्षिक सूचना विवरणी (AIS) कहते हैं, जो टैक्सपेयर्स की पूरी सूचना बताता है। यह पहले के फॉर्म 26AS से अधिक विस्तृत है क्योंकि इसमें टैक्सपेयर्स के टीडीएस और टीसीएस के अलावा दूसरे वित्तीय ट्रांजैक्शन और सूचनाएं भी शामिल रहती हैं।
टैक्यपेयर्स AIS में दी गई जानकारी को गलत पाए जाने पर ऑनलाइन प्रतिक्रिया (फीडबैक) दे सकते हैं। AIS के प्रत्येक सेक्शन में पहले से दर्ज वैल्यू और संशोधित वैल्यू (टैक्सपेयर्स के फीडबैक के बाद) दोनों दिखाई जाती है।
- ऑनलाइन फीडबैक की सुविधा के साथ टैक्सपेयर्स की पूरी जानकारी को एक जगह दिखाना
- आयकर रिटर्न फॉर्म में पहले से अधिकतर बॉक्स भरे रहें, जिससे आयकर फाइलिंग की प्रक्रिया आसान हो और ज्यादा से ज्यादा लोग रिटर्न फाइल करें
- जटिल होने से जो लोग रिटर्न फाइल नहीं कर रहे हैं, उन्हें भी रिटर्न भरने के लिए प्रोत्साहित करना
3. AIS में क्या-क्या है?
AIS पर दिखाई गई जानकारी को दो भागों में बांटा गया है:
पार्ट A- सामान्य जानकारी
इस हिस्से में टैक्सपेयर्स से जुड़ी सामान्य जानकारियां होती हैं। इसमें पैन, मास्क्ड आधार नंबर, टैक्सपेयर का नाम और उसके जन्म की तारीख, अगर कंपनी टैक्सपेयर है तो उसके गठन की तारीख, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और टैक्सपेयर्स का एड्रेस शामिल है।
पार्ट-B
- TDS/TCS की जानकारी यहां दिखाई जाती है।
- SFT की जानकारी - इस हिस्से में स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (SFT) करने वाली संस्थाओं की तरफ से दी गई जानकारी शामिल रहती है।
- करों के भुगतान से जुड़ी सूचना, जैसे- एडवांस टैक्स और सेल्फ असेसमेंट टैक्स आदि
- डिमांड एंड रिफंड: इस सेक्शन में आप किसी एक वित्त वर्ष में आपको जारी रिफंड और आपसे हुई डिमांड से जुड़ी जानकारी को देख सकते हैं।
- अन्य जानकारियां: इस हिस्से में अन्य स्रोतों से मिली जानकारियां शामिल होती है। जैसे- सैलरी के एनेक्सचर II फॉर्म, रिफंड पर मिलने वाला इंटरेस्ट, विदेशी मुद्रा की खरीदारी आदि।
4. AIS के तहत आने वाली टैक्सपेयर्स इनफॉर्मेशन समरी (TIS) में क्या जानकारियां होती हैं?
टैक्सपेयर्स को यह याद रखना चाहिए कि AIS में आयकर विभाग के पास वर्तमान में उपलब्ध जानकारियां शामिल होती है। टैक्सपेयर्स से जुड़े कुछ ऐसे अन्य ट्रांजैक्शन हो सकते हैं, जो फिलहाल AIS में नहीं दिख रही हो। टैक्सपेयर्स को अगर लगता है कि किसी सेक्शन में दी गई जानकारी में बदलाव की जरूरत है तो वह अपना फीडबैक दे सकता है। फीडबैक के बाद नई वैल्यू टैक्सपेयर्स इनफॉर्मेशन समरी (TIS) में दिखती है। आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय करदाता सूचना सारांश (टीआईएस) में दिखाए गए वैल्यू पर विचार कर सकता है। अगर ITR पहले ही भरा जा चुका है, तो सही जानकारी के साथ ITR को संशोधित किया जा सकता है।
5. AIS को कैसे डाउनलोड करें?
- सबसे पहले आपको पैन/आधार और पासवर्ड के ज़रिए आईटीआर फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करें।
- सबसे ऊपर ‘Services’ सेक्शन में जाएं और ‘AIS’ पर क्लिक करें।
- इसके बाद, ‘Proceed’ पर क्लिक करना होगा।
- अब आपको डाउनलोड पर टैप करना है। यहां आप पीडीएफ या JSON का विकल्प चुन सकते हैं।
- जो पीडीएफ डाउनलोड हुआ है उसे खोलने के लिए पासवर्ड की जरूरत होगी। यह पासवर्ड पैन + आपकी जन्म तारीख है।
- एक बार जब आप अपना पासवर्ड दर्ज कर लेते हैं, तो आप अपने AIS में सभी डिटेल देख सकते हैं।