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इंस्टाग्राम-यूट्यूब से करते हैं कमाई? 31 अगस्त से पहले जान लें इनकम टैक्स, TDS और GST का ये पूरा गणित

Income Tax Rules for Content Creators: अगर आप सोशल मीडिया, ब्रांड प्रमोशन या एफिलिएट मार्केटिंग से कमाई करते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग के नए नियमों को जान लेना बेहद जरूरी है। फ्री प्रोडक्ट्स पर टीडीएस (TDS), जीएसटी रजिस्ट्रेशन और डेडलाइन से जुड़ी पूरी डिटेल जानिए, ताकि आप पेनल्टी से बच सकें

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Aug 19, 2026 पर 10:42 AM
इंस्टाग्राम-यूट्यूब से करते हैं कमाई? 31 अगस्त से पहले जान लें इनकम टैक्स, TDS और GST का ये पूरा गणित
इनकम टैक्स विभाग सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन को ‘बिजनेस या प्रोफेशन से होने वाला लाभ’ मानता है

Income Tax Rules for Content Creators: अगर आप इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स (X) या लिंक्डइन पर कंटेंट क्रिएशन, स्पॉन्सर्ड पोस्ट, ब्रांड एंडोर्समेंट या एफिलिएट मार्केटिंग के जरिए कमाई करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिना टैक्स ऑडिट वाले बिजनेस और प्रोफेशनल्स के लिए आईटीआर (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है।

सोशल मीडिया से होने वाली कमाई पर सामान्य सैलरी की तरह टैक्स नहीं लगता। ऐसे में पेनल्टी से बचने के लिए जरूरी है कि आप समझें कि आपकी कमाई पर टैक्स कैसे तय होता है, कौन सा ITR फॉर्म भरना है और TDS व GST के क्या नियम हैं।

सोशल मीडिया से होने वाली कमाई पर कैसे लगता है टैक्स?

इनकम टैक्स विभाग सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन को ‘बिजनेस या प्रोफेशन से होने वाला लाभ’ मानता है। अगर कंटेंट क्रिएशन आपका मुख्य या रेगुलर काम है, तो विज्ञापन (Ad Revenue), ब्रांड प्रमोशन, मर्चेंडाइज बिक्री और सुपर चैट से होने वाली पूरी कमाई आपके इनकम टैक्स स्लॉट के हिसाब से टैक्स योग्य होगी। वही अगर आप कभी-कभार ही वीडियो या पोस्ट से कमाई करते हैं, तो इसे 'अन्य स्रोतों से आय' के तहत भी दिखाया जा सकता है।

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