म्यूचुअल फंड्स की इन तीन स्कीमों ने 2023 में MC 30 में बनाई जगह, जानिए इनके बारे में क्या है खास

MC30 का मकसद इनवेस्टर्स को बेहतरीन स्कीमों का एक बास्केट उपलब्ध कराना है, जिसमें से वे अपनी जरूरत के हिसाब से सही स्कीम का चुनाव कर सकते हैं। हर साल MC30 बास्केट को रिव्यू किया जाता है। इसमें जरूरी होने पर कुछ बदलाव किए जाते हैं

अपडेटेड Apr 13, 2023 पर 4:44 PM
MC30 में इक्विटी, डेट, हाइब्रिड, एक्टिव और पैसिव सहित हर कैटेगरी की स्कीमें शामिल हैं। हर साल इस बास्केट में कुछ नई स्कीमें शामिल होती हैं और कुछ पुरानी स्कीमें बाहर हो जाती हैं।

MC30 म्यूचुअल फंड की ऐसी 30 खास स्कीमों का बास्केट है, जिसे आपके लिए तैयार किया गया है। आप इस बास्केट में से अपनी जरूरत के हिसाब से स्कीम को सेलेक्ट कर सकते हैं। मनीकंट्रोल का मानना है कि किसी इनवेस्टर के पोर्टफोलियो में 6 से 10 स्कीमें होनी चाहिए। लेकिन, मार्केट में 1000 से ज्यादा स्कीमें मौजूद हैं, जिससे किसी इनवेस्टर के लिए अपने लिए सही स्कीम को सेलेक्ट करना बहुत मुश्किल हो जाता है। MC30 आपकी यह मुश्किल दूर करती है।

हर कैटेगरी की स्कीम शामिल

MC30 में इक्विटी, डेट, हाइब्रिड, एक्टिव और पैसिव सहित हर कैटेगरी की स्कीमें शामिल हैं। हर साल इस बास्केट में कुछ नई स्कीमें शामिल होती हैं और कुछ पुरानी स्कीमें बाहर हो जाती हैं। हमारी कोशिश इस बास्केट में कम से कम बदलाव करने की होती है। इस साल के रिव्यू में हमने पांच स्कीमों को बास्केट से बाहर किया है और उनकी जगह बेहतर प्रदर्शन वाली स्कीमें शामिल की गई हैं।


5-4 स्टार रेटिंग वाली स्कीमों को जगह

मनीकंट्रोल के इस बास्केट के लिए सिर्फ 5 स्टार और 4 स्टार रेटिंग वाली स्कीमों को शामिल किया जाता है। मनीकंट्रोल इन स्कीमों के फंड मैनेजर्स से व्यापक चर्चा करता है। उनके इनवेस्टमेंट फिलॉस्फी को समझने की कोशिश की जाती है। फ्यूचर के प्लान को जानने की कोशिश की जाती है। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही स्कीम को इस बास्केट में शामिल किया जाता है। इस बार शामिल किए गए फंडों के बारे में जानने की कोशिश करते हैं।

PGIM India Midcap Opportunities Fund

यह मिडकैप कैटेगरी में शामिल होने वाली तीन नई स्कीमों में से एक है। इसकी शुरुआत दिसंबर 2013 में हुई थी। इसने लंबी अवधि में बेहतर रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न दिया है। विनय पहाड़िया, पुनीत पाल और विवेक शर्मा ने इस स्कीम का प्रबंधन किया है। 2018 के बाद से अनुरुद्ध नाहा ने इसका प्रबंधन किया है। हाल में उन्हें अल्टरनेट बिजनेस की जिम्मेदारी दी गई है। इस स्कीम ने अच्छी बिजनेस और स्ट्रॉन्ग कैश फ्लो वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश किया है। स्कीम ने अपना 65 फीसदी एसेट ऐसी 30 कंपनियों के शेयरों में किया है, जो AMFI-डिफाइंड मिडकैप स्टॉक्स कैटेगरी में आते हैं। इस फंडा का AUM रीब 8,000 करोड़ रुपये है।

pgim india midcap

EdelWeiss Mid Cap Fund

इस फंड का प्रबंधन संयुक्त रूप से त्रिदीप भट्टाचार्य और साहिल एच शाह करते हैं। इसका एयूएम 2,534 करोड़ रुपये है। यह स्कीम ऐसी कंपनियों के शेयरों में निवेश करती है जिनका मैनेजमेंट अच्छा है, बिजनेस अच्छी क्वालिटी का है और प्रोडक्ट्स प्रॉफिटेबल हैं। यह स्कीम ग्रोथ के साथ ही वैल्यू इनवेस्टमेंट स्टाइल का इस्तेमाल करती है। भट्टाचार्य ने कहा, "हम इस फंड का प्रबंधन एक सही मिडकैप फंड की तरह करते हैं। हम लार्जकैप की आड़ में छुपना नहीं चाहते हैं।" इस स्कीम के पोर्टफोलियो में सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया, मोल्ड-टेक पैकेजिंग और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं।

edelweiss midcap fund

SBI Magnum Midcap Fund

यह फंड मार्च 2005 में लॉन्च हुआ था। तब से इसने सालाना 16 फीसदी कंपाउंडेड एनुअल रिटर्न दिया है। जुलाई 2010 से सोहिनी अंदानी इस स्कीम का प्रबंधन कर रही हैं। उन्होंने कहा, "स्टॉक सेलेक्शन में हम बॉटम-अप अप्रोच अपनाते हैं। हम शेयरों को लंबे समय तक अपने पास रखते हैं।" उनका फोकस ऐसी कंपनियों के शेयरों में निवेश पर रहा है, जिनका मैनेजमेंट ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है, ग्रोथ का लंबा रिकॉर्ड रहा है और जिन कंपनियों में प्रमोटर हिस्सेदारी ज्यादा है। इसके पोर्टफोलियो का झुकाव मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की तरफ रहा है।

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