यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI ने लोगों के लिए पैसे भेजना और बिल चुकाना बेहद आसान कर दिया है। अब कोई भी कुछ ही सेकेंड में लाखों रुपये ट्रांसफर कर सकता है। यही वजह है कि हर महीने रिकॉर्ड तोड़ ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ठगी के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। साइबर ठग नए-नए पैंतरे निकालकर लोगों के खाते खाली करने में लगे हैं। हाल ही में एक नया स्कैम सामने आया है, जिसे ‘UPI ऑटो-पे रिक्वेस्ट स्कैम’ कहा जा रहा है।
इसमें जालसाज लोगों को चकमा देकर उनके बैंक अकाउंट से पैसे काट लेते हैं और पीड़ित को भनक तक नहीं लगती। ऐसे में अगर आप भी UPI इस्तेमाल करते हैं, तो इस नए स्कैम के बारे में जानना बहुत जरूरी है ताकि आप भी सतर्क रह सकें और अपनी मेहनत की कमाई बचा सकें।
क्या होता है UPI Auto Pay फीचर?
UPI Auto Pay फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो हर महीने एक जैसी रकम चुकाते हैं, जैसे मोबाइल रिचार्ज, नेटफ्लिक्स का सब्सक्रिप्शन या म्यूचुअल फंड में निवेश। आप एक बार मंजूरी देंगे और तय तारीख पर पैसा अपने आप कट जाएगा। इससे लेट फीस या सर्विस बंद होने का डर नहीं रहता।
लेकिन स्कैमर्स ने इस सुविधा को बना लिया जाल
अब इसी सुविधा का फायदा उठाकर साइबर ठग UPI Auto Pay Request Scam चला रहे हैं। वे लोगों को झांसा देकर उनसे बार-बार पेमेंट कटवाने की सेटिंग मंजूर करवा लेते हैं।
कैसे फंसाते हैं लोग इस झांसे में?
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट के मुताबिक इस स्कैम में ठग कई तरीके अपनाते हैं:
नकली लिंक भेजकर: SMS, ईमेल या सोशल मीडिया पर नकली लिंक भेजा जाता है। क्लिक करते ही यूजर ऑटो पे को मंजूरी दे देता है और अकाउंट से पैसे कटने लगते हैं।
फर्जी कस्टमर केयर कॉल: स्कैमर्स बैंक या UPI कंपनी के अधिकारी बनकर कॉल करते हैं और यूजर से PIN डालने को कहते हैं।
सस्ते ऑफर या फर्जी ऐप: ठग किसी सस्ते सब्सक्रिप्शन का लालच देते हैं। पेमेंट करते ही ऑटो पे एक्टिवेट हो जाता है।
कैशबैक या इनाम का लालच: इनाम या लोन अप्रूवल के बहाने यूजर से रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करवा लेते हैं।
अगर फंस जाएं तो क्या करें?
अगर गलती से आप इस स्कैम का शिकार हो जाएं तो घबराएं नहीं। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि जितना जल्दी हो सके बैंक या UPI ऐप में फ्रॉड रिपोर्ट करें। UPI ऐप में ही ‘Report Fraud’ या ‘Raise Dispute’ का ऑप्शन होता है, वहां से तुरंत शिकायत करें। साथ ही बैंक को ईमेल या ब्रांच में जाकर लिखित शिकायत दें।
क्या पैसे वापस मिल सकते हैं?
ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी जल्दी ऐक्शन लेते हैं। सही सबूत और समय पर शिकायत से पैसे वापस मिलने की संभावना रहती है। बैंक और UPI सर्विस प्रोवाइडर अक्सर ऐसे मामलों में सहयोग करते हैं।
ध्यान रखें कि कोई भी बैंक या UPI कंपनी कभी आपसे कॉल पर OTP या PIN नहीं मांगती। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और लालच में ना आएं। साइबर जागरूकता ही इस स्कैम से आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।