Gold Silver Price: फिर गिर सकते हैं सोना-चांदी के दाम, एक्सपर्ट्स बोले- कच्चे तेल और फेड के फैसले पर रहेगी नजर

Gold Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में पिछले हफ्ते तेज गिरावट आई। चांदी तो एक हफ्ते में 15000 रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई। अब कच्चे तेल की महंगाई और अमेरिकी फेड का फैसला बाजार की दिशा तय कर सकता है। क्या अगले हफ्ते भी बुलियन में बिकवाली जारी रहेगी या कीमतें संभलेंगी?

अपडेटेड Oct 25, 2026 पर 9:57 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती से सोने की कीमतों को सहारा नहीं मिल पा रहा है।

Gold Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों पर अगले हफ्ते भी दबाव रह सकता है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई की चिंता बढ़ गई है। वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले से बुलियन की अगली चाल तय हो सकती है। बाजार की नजर 27-28 अक्टूबर की फेड बैठक और चेयरमैन के बयान पर रहेगी।

MCX पर सोना ₹5,768 और चांदी ₹15,087 टूटी

घरेलू वायदा बाजार में पिछले हफ्ते दोनों कीमती धातुओं में तेज गिरावट आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना ₹5,768 यानी करीब 4% टूटकर ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।


चांदी की गिरावट इससे भी ज्यादा रही। इसका भाव ₹15,087 यानी 7.14% गिरकर ₹1.96 लाख प्रति किलो पर आ गया। इस दौरान चांदी ₹2 लाख के स्तर से नीचे फिसल गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुख रहा। कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 4.14% गिरकर 4,007.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। शुक्रवार को भाव कुछ समय के लिए 3,989 डॉलर तक गिर गया था। वहीं, चांदी करीब 6% टूटकर 53.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

कच्चे तेल और डॉलर से बढ़ा दबाव

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती से सोने की कीमतों को सहारा नहीं मिल पा रहा है। फेड के फैसले से यह साफ होगा कि कीमतें मौजूदा स्तर पर संभलेंगी या गिरावट जारी रहेगी।

JM Financial Services के प्रणव मेर ने कहा कि औद्योगिक धातुओं में कमजोरी है। साथ ही चांदी की ऊंची कीमतों के कारण मांग में नरमी ने भी दबाव बढ़ाया है।

ब्रेंट क्रूड 117 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बंद हुआ। तेल महंगा रहने से महंगाई बढ़ने की आशंका है। ऐसे में केंद्रीय बैंक ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकते हैं।

फेड का फैसला क्यों है अहम?

अगले हफ्ते अमेरिकी फेड के अलावा यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान के फैसलों पर भी नजर रहेगी। अमेरिका के महंगाई आंकड़े, तीसरी तिमाही की GDP और उपभोक्ता विश्वास से जुड़े आंकड़े भी बाजार की दिशा प्रभावित कर सकते हैं।

अगर फेड का रुख सख्त रहा, तो डॉलर और बॉन्ड यील्ड में तेजी आ सकती है। इससे सोने-चांदी पर दबाव बढ़ सकता है। इसके उलट, नरम रुख से कीमतों को कुछ राहत मिल सकती है।

Sukanya Samriddhi Yojana: हर महीने ₹5000 जमा करने पर कितना पैसा बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।