UPI Rule Update: 31 मार्च से पहले कर लें ये काम, वरना बंद हो सकता है UPI एक्सेस

अगर आपका मोबाइल नंबर बदला या बंद हो गया है, तो 31 मार्च से पहले बैंक में अपडेट करवा लें, वरना UPI एक्सेस बंद हो सकता है। NPCI ने बैंकों और UPI ऐप्स को री-साइकिल किए गए नंबर हटाने के निर्देश दिए हैं ताकि फ्रॉड और तकनीकी दिक्कतें रोकी जा सकें। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।

अपडेटेड Mar 27, 2025 पर 3:06 PM
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NPCI के नए फैसले का असर ऐसे किसी भी शख्स पर पड़ सकता है, जो री-साइकल नंबर का इस्तेमाल कर रहा है।

UPI Rule Update: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSPs) को निर्देश दिया है कि वे 31 मार्च से पहले अपने डेटाबेस अपडेट करें और बंद या री-साइकिल किए गए मोबाइल नंबर हटा दें। NPCI के मुताबिक, ऐसा करने से गलतियों और धोखाधड़ी के जोखिम को रोका जा सकता है। री-साइकिल किए गए मोबाइल नंबर का मतलब है कि किसी पुराने यूजर के बंद नंबर को नए यूजर को असाइन कर देना।

NPCI ने बैंकों और UPI ऐप्स (जैसे Google Pay, PhonePe) को Digital Intelligence Platform (DIP) पर मौजूद Mobile Number Revocation List (MNRL) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।

NPCI ने क्यों दिया नया आदेश


अगर बैंक या UPI ऐप्स ने पुराने यूजर का डेटा नहीं हटाया, तो जब नया व्यक्ति उस नंबर से रजिस्टर करेगा, तो उसे पिछले मालिक का अकाउंट एक्सेस मिलने की आशंका रहेगी। इससे फ्रॉड जैसी समस्या हो सकती है। इसी को रोकने के लिए NPCI ने बैंकों और पेमेंट ऐप्स को निर्देश दिया है कि वे 31 मार्च से पहले अपने सिस्टम से पुराने और री-साइकिल किए गए नंबर हटा दें।

हर हफ्ते नंबर अपडेट करना जरूरी

NPCI ने यह भी कहा है कि बैंक और UPI ऐप्स को कम से कम हफ्ते में एक बार मोबाइल नंबर रिकॉर्ड अपडेट करना होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सिस्टम में केवल सक्रिय और वैध नंबर ही मौजूद हों। इससे मोबाइल नंबर से जुड़े फ्रॉड की आशंका कम होगी।

मोबाइल नंबर बंद हो गया तो क्या करें?

अगर आपका मोबाइल नंबर टेलीकॉम विभाग (DoT) के दिशानिर्देशों के अनुसार रीवोक या सरेंडर कर दिया गया है, तो बैंक या UPI ऐप्स इसे अपने रिकॉर्ड से हटा सकते हैं।

NPCI ने कहा कि रीवोक/सरेंडर किए गए मोबाइल नंबरों की वजह से कई तकनीकी समस्याएं और फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं। जब ये नंबर किसी नए शख्स को असाइन कर दिए जाते हैं, तो वे पिछले मालिक के बैंक अकाउंट या UPI प्रोफाइल से जुड़े रह सकते हैं। इससे अकाउंट के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है।

किन लोगों पर पड़ेगा असर?

NPCI के नए फैसले का असर ऐसे किसी भी शख्स पर पड़ सकता है, जो री-साइकल नंबर का इस्तेमाल कर रहा है। मतलब कि UPI को ऐसे नंबर से यूज, जो पहले किसी और का था और अब आपको असाइन किया गया है। इससे आपका UPI भी एक्सेस बंद हो सकता है। वहीं, अगर आपने अपना पुराना नंबर सरेंडर कर दिया है, लेकिन अपने बैंक खाते में नया नंबर अपडेट नहीं किया, तो भी आप यूपीआई अकाउंट का एक्सेस नहीं कर पाएंगे।

UPI एक्सेस बंद होने से कैसे बचें?

आपको सबसे पहले सुनिश्चित करना होगा कि आपका बैंक अकाउंट और UPI प्रोफाइल आपके एक्टिव मोबाइल नंबर से लिंक हो। 1 अप्रैल से पहले अपने बैंक में अपना नया मोबाइल नंबर भी अपडेट करवा लेना चाहिए, ताकि पेमेंट सर्विस में कोई रुकावट न आए। इससे अगर आपको कोई री-साइकिल नंबर मिला है, तो उस समस्या का भी हल हो जाएगा।

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