मोदी सरकार 17 सितंबर को लेकर आ रही है नई सरकारी योजना, इन लोगों को होगा फायदा

Government scheme for artisans: अभी तक सरकार ने किसानों के लिए कई स्कीमें चलाई हुई हैं। अब पहली बार सरकार छोटे कामगरों के लिए योजना लाने वाली है। सरकार की ये योजना 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती को लॉन्च होगी

अपडेटेड Aug 28, 2023 पर 4:54 PM
सरकार की नई योजना 17 सितंबर को आएगी।

Government scheme for artisans: अभी तक सरकार ने किसानों के लिए कई स्कीमें चलाई हुई हैं। अब पहली बार सरकार छोटे कामगरों के लिए योजना लाने वाली है। सरकार की ये योजना 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती को लॉन्च होगी। ये योजना सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, कारीगरों और शिल्पकारों आदि के लिए है। इस योजना के जरिये इन लोगों को ट्रेनिंग और कम दरों पर लोन देने की योजना सरकार बना रही है। सरकार ने अधिकारियों के साथ इस पर चर्चा भी की है। इस योजना का नाम विश्वकर्मा योजना रखा गया है।

बजट में किया गया था ऐलान

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (Ministry of Skill Development and Entrepreneurship) ने 13,000 करोड़ रुपये की पीएम विश्वकर्मा योजना को लागू करने के लिए रोडमैप पर चर्चा की है। सरकार ने शिल्पकारों और कारीगरों को समर्थन देने वाली योजना पर चर्चा के लिए राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के अधिकारियों को भी बैठक में बुलाया। पीएम विश्वकर्मा योजना की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल के बजट में वित्त वर्ष 2024-2028 के बीच के पीरियड के लिए की थी। एमएसएमई (MSME) मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की यह योजना 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती पर शुरू की जाएगी।


3 लाख रजिस्ट्रेशन का रखा गया है टारगेट

अधिकारियों के मुताबिक 3 लाख से अधिक लाभार्थियों को रजिस्टर करने का टारगेट रखा है। इस योजना का उद्देश्य कारीगरों और शिल्पकारों के प्रोडक्ट की क्वालिटी, स्केल और मार्केट में पहुंच को बेहतर करना है। ताकि, उन्हें एमएसएमई वैल्यू चेन में जोड़ा जा सके। अधिकारी के मुताबिक योजना के तहत कुशल कामगारों को उनके कौशल को उन्नत करने के लिए 4-5 दिनों की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद उन्हें लोन भी मिल सकेगा।

मिलेगा कम दरों पर ब्याज

योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और जारी पहचान पत्र के माध्यम से पहचाना जाएगा। साथ ही लाभार्थियों को 5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर के साथ 1 लाख रुपये (पहली किश्त) और 2 लाख रुपये (दूसरी किश्त) तक की लोन की सहायता दी जाएगी।

इन कारीगरों को होगा फायदा

कुल मिलाकर, इस योजना का लक्ष्य भारत भर के ग्रामीण और शहरी इलाकों में 18 पारंपरिक कामों से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को समर्थन देना है। इनमें बढ़ई, नाव बनाने वाले, कवच बनाने वाले, लोहार, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, पत्थर तोड़ने वाले शामिल हैं। मोची/जूता/जूता कारीगर, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाला/कॉयर बुनकर, गुड़िया और खिलौना बनाने वाला, नाई, माला बनाने वाला, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले भी शामिल है।

Reliance AGM 2023 LIVE Updates: रिलायंस रिटेल ने पिछले साल 3300 नए स्टोर खोले, कंपनी में अभी 2.5 लाख कर्मचारी: ईशा अंबानी

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।