सेविंग्स अकाउंट में पड़े हैं ₹2 लाख, ₹5 लाख या ₹10 लाख? जानें इन पैसों को कहां-कैसे लगाएं और RBI का ये जरूरी नियम
How to Invest Surplus Cash: क्या आपके सेविंग्स अकाउंट में ₹2 लाख, ₹5 लाख या फिर ₹10 लाख जैसी बड़ी रकम बिना किसी खास इस्तेमाल के पड़ी है? बचत खाते में जमा यह पैसा सुरक्षित तो लगता है, लेकिन महंगाई दर के मुकाबले इस पर मिलने वाला ब्याज बेहद मामूली होता है। इसीलिए सही स्ट्रेटजी जानना बेहद जरूरी है
अगर आपके सेविंग्स अकाउंट में ₹2 लाख जमा हैं, तो पैसों को किसी जोखिम भरी जगह या शेयर बाजार में लगाने की जल्दबाजी बिल्कुल न करें
Surplus Cash Investment Strategy: क्या आपके सेविंग्स अकाउंट में ₹2 लाख, ₹5 लाख या फिर ₹10 लाख जैसी बड़ी रकम बिना किसी खास इस्तेमाल के पड़ी है? बचत खाते में जमा यह पैसा सुरक्षित तो लगता है, लेकिन महंगाई दर के मुकाबले इस पर मिलने वाला ब्याज बेहद मामूली होता है। ऐसे में अगर आप बिना किसी वित्तीय लक्ष्य के बैंक में मोटा फंड रखकर बैठे हैं, तो यह समझदारी नहीं है।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अपने बैंक बैलेंस को सही तरीके से मैनेज करने और उस पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए आपको कुछ बुनियादी बातों पर ध्यान देना चाहिए।
अकाउंट में ₹2 लाख हैं? सबसे पहले इमरजेंसी फंड चेक करें
अगर आपके सेविंग्स अकाउंट में ₹2 लाख जमा हैं, तो पैसों को किसी जोखिम भरी जगह या शेयर बाजार में लगाने की जल्दबाजी बिल्कुल न करें। सबसे पहले यह देखें कि क्या आपके पास 3 से 6 महीने के खर्च जितना इमरजेंसी फंड मौजूद है?
मेडिकल इमरजेंसी या अचानक नौकरी जाने जैसी स्थिति में तुरंत पैसों की जरूरत पड़ती है। ऐसे पैसों पर रिटर्न से ज्यादा लिक्विडिटी यानी आसानी से पैसा निकालना मायने रखती है। इस रकम को आप सेविंग्स अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या लिक्विड म्यूचुअल फंड जैसे कम जोखिम वाले विकल्पों में रख सकते हैं।
अकाउंट में ₹5 लाख या ₹10 लाख पड़े हों तो क्या करें?
अगर आपका इमरजेंसी फंड पहले से तैयार है और इसके बाद भी बैंक में ₹5 लाख या ₹10 लाख सरप्लस पड़े हैं, तो आपको निवेश का सही प्लान बनाना चाहिए:
समय सीमा तय करें: अगर आपको अगले 1-2 सालों में घर की डाउन पेमेंट या किसी काम के लिए पैसा चाहिए, तो इसे एफडी या डेट फंड जैसे सुरक्षित विकल्पों में रखें।
लंबी अवधि का लक्ष्य: अगर आपको अगले 5 से 10 सालों तक इस पैसे की जरूरत नहीं है, तो पूरी रकम को एक साथ इक्विटी में लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करें।
सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान(STP) है बेहतर विकल्प
अगर आपके पास ₹10 लाख का सरप्लस फंड है और आप एक बार में पूरा पैसा शेयर बाजार या इक्विटी म्यूचुअल फंड में डालने से डर रहे हैं, तो STP एक शानदार तरीका है।
इसके तहत आप अपना पूरा ₹10 लाख लिक्विड फंड में जमा कर देते हैं। फिर वहां से हर महीने एक तय रकम अपने आप इक्विटी फंड में ट्रांसफर होती रहती है। इससे आपको बाजार के उतार-चढ़ाव का रिस्क कम करने में मदद मिलती है और आपको बार-बार 'सही समय' का इंतजार नहीं करना पड़ता।
जरूर समझें DICGC का ₹5 लाख वाला नियम
अगर आप बैंक अकाउंट में ₹5 लाख से ज्यादा की रकम रखते हैं, तो आपको भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सहायक कंपनी DICGC के नियम के बारे में पता होना चाहिए:
बीमा की सीमा: डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) के नियमों के तहत, एक बैंक में प्रति जमाकर्ता अधिकतम ₹5 लाख तक की जमा राशि (मूलधन + ब्याज) पर ही इंश्योरेंस कवर मिलता है।
क्या ₹5 लाख से ज्यादा पैसा असुरक्षित है?: अगर आपके एक ही बैंक में ₹10 लाख जमा हैं और बैंक के साथ कोई वित्तीय संकट होता है, तो इंश्योरेंस के तहत सिर्फ ₹5 लाख ही सुरक्षित माने जाएंगे।
स्मार्ट तरीका: अगर आप बैंक में बड़ा फंड रखना चाहते हैं, तो पूरा पैसा एक बैंक में रखने के बजाय अलग-अलग बैंकों में बांटकर रखना वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से ज्यादा समझदारी भरा कदम है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।