Zero ITR: बहुत से लोगों को लगता है कि अगर उनकी कमाई टैक्स के दायरे में नहीं आती, तो ITR भरने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन आज के समय में 'जीरो ITR' यानी Nil Return भरना कई मामलों में काफी काम का साबित होता है।
Zero ITR: बहुत से लोगों को लगता है कि अगर उनकी कमाई टैक्स के दायरे में नहीं आती, तो ITR भरने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन आज के समय में 'जीरो ITR' यानी Nil Return भरना कई मामलों में काफी काम का साबित होता है।
खासकर स्टूडेंट्स, फ्रीलांसर, छोटे कारोबारी, हाउसवाइफ या नौकरी शुरू करने वाले लोगों के लिए यह एक ऐसा डॉक्युमेंट बन जाता है, जो आगे कई जगह काम आता है। इसलिए भले ही टैक्स न बन रहा हो, ITR भरना समझदारी का कदम माना जाता है।
क्या होता है जीरो ITR?
जब आपकी कुल इनकम इतनी कम होती है कि उस पर कोई टैक्स नहीं बनता, फिर भी आप खुद से ITR फाइल करते हैं, तो इसे आसान भाषा में जीरो ITR या Nil ITR कहा जाता है।
मान लीजिए आपकी साल भर की कमाई बेसिक छूट सीमा से नीचे है, तो आपको टैक्स नहीं देना पड़ेगा। लेकिन आप चाहें तो ITR भर सकते हैं।
AY 2026-27 के लिए कब से भर सकते हैं ITR?
असेमेंट ईयर 2026-27 यानी फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ITR भरना शुरू हो चुका है। मार्च 2026 में ITR के फॉर्म जारी हो गए थे। अब आप Income Tax Portal पर जाकर अपना रिटर्न भर सकते हैं।
सामान्य लोगों के लिए ITR भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है। अगर जरूरत पड़ी तो सरकार इसे आगे भी बढ़ा सकती है।
कौन लोग भर सकते हैं जीरो ITR?
ऐसे सभी लोग जिनकी इनकम टैक्स की तय सीमा से कम है, वे जीरो ITR भर सकते हैं। इसमें स्टूडेंट्स, पार्ट टाइम काम करने वाले, फ्रीलांसर, छोटे दुकानदार, हाउसवाइफ, रिटायर्ड लोग या पहली नौकरी करने वाले युवा शामिल हो सकते हैं।
कई बार ऐसे लोग भी ITR भरते हैं जिनकी इनकम कम है, लेकिन बैंक अकाउंट में बड़े ट्रांजैक्शन हुए हैं या भविष्य के लिए रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।
जीरो ITR भरने का पूरा प्रोसेस
सारी जानकारी चेक करने के बाद ITR सबमिट करें। इसके बाद Aadhaar OTP, नेट बैंकिंग या अन्य तरीकों से e-verification करना जरूरी है। बिना verification के ITR पूरा नहीं माना जाता।
जीरो ITR भरने के फायदे
लोन लेने में आसानी : जब आप बैंक से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेते हैं, तो ITR एक अहम डॉक्युमेंट होता है। अगर आपकी ITR हिस्ट्री है, तो लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
वीजा के काम : कई देशों में वीजा अप्लाई करते समय ITR को इनकम प्रूफ माना जाता है। जीरो ITR भी कई मामलों में मदद करता है।
इनकम प्रूफ : अगर आप फ्रीलांसर हैं या आपके पास सैलरी स्लिप नहीं है, तो ITR आपके लिए एक भरोसेमंद इनकम प्रूफ बन सकता है।
TDS रिफंड : अगर आपकी किसी इनकम पर TDS कट गया है, तो उसे वापस पाने के लिए ITR भरना जरूरी होता है, चाहे आपका टैक्स zero ही क्यों न हो।
भविष्य में परेशानी कम : अगर आपके बैंक अकाउंट में बड़े ट्रांजैक्शन हैं और आपने ITR नहीं भरा, तो आगे चलकर सवाल उठ सकते हैं। जीरो ITR भरने से आपकी फाइनेंशियल हिस्ट्री साफ रहती है।
क्या जीरो ITR भरना जरूरी है?
अगर आपकी इनकम टैक्स की सीमा से कम है, तो आम तौर पर ITR भरना जरूरी नहीं होता। लेकिन कुछ मामलों में इसे भरना जरूरी या फायदेमंद हो सकता है। जैसे अगर आपके खाते में ज्यादा कैश जमा हुआ है, विदेश यात्रा पर खर्च ज्यादा है, TDS कटा है या आपने शेयर मार्केट या क्रिप्टो में निवेश किया है।
किन बातों का रखें ध्यान
ITR भरते समय अपनी जानकारी सही भरें, खासकर बैंक डिटेल और PAN। कोई गलती होने पर आगे दिक्कत आ सकती है। सबसे जरूरी बात, ITR भरने के बाद e-verification जरूर करें, क्योंकि बिना इसके आपका रिटर्न अधूरा माना जाएगा।
अगर आपकी इनकम या निवेश थोड़े जटिल हैं, तो किसी टैक्स एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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