हीरल थानावाला

शॉपिंग के बाद बिल चुकाने के लिए नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) आधारित पॉइंट ऑफ सेल (POS) टर्मिनल्स पर कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट और डेबिट कार्ड इस्तेमाल करने से कई कस्टमर्स को काफी आसानी हुई है। इससे आप जल्दी भुगतान कर पाते हैं और साथ ही इसमें मर्चेंट के यहां आपके कार्ड के ब्योरे के चोरी होने का खतरा भी नहीं रहता है। लेकिन, आपने कभी सोचा है कि आप अपने मोबाइल फोन से भी बिलिंग काउंटर पर इसी तरह से बिल का भुगतान कर सकते हैं।

हाल में ही गूगल पे (Google Pay) ने अपने सभी प्लेटफॉर्म्स पर "टोकेनाइजेशन" लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके जरिए कस्टमर्स ऐप में सेव किए गए अपने कार्ड्स के जरिए सुरक्षित तरीके से ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इसमें कस्टमर्स एनएफसी आधारित पीओएस टर्मिनल्स और ऑनलाइन मर्चेंट्स पर टैप-टू-पे फीचर का इस्तेमाल करते हुए भुगतान कर सकते हैं।

Google Pay ने इसके लिए वीजा और बैंकिंग पार्टनर्स के साथ साझेदारी की है। यह फीचर फिलहाल एक्सिस बैंक और एसबीआई कार्ड होल्डर्स के लिए उपलब्ध है। कोटक महिंद्रा बैंक जैसे अन्य कस्टमर्स को यह सुविधा जल्द ही मिल जाएगी।

मौजूदा वक्त में टोकेनाइजेशन के जरिए गूगल पे के केवल एंड्रॉयड यूजर ही अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल पेमेंट्स के लिए कर सकते हैं। इसमें एक सिक्योर डिजिटल टोकन उनके फोन से लिंक होता है जिसके जरिए कस्टमर्स पेमेंट कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में उन्हें अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड की डिटेल साझा नहीं करनी पड़ती है। आईफोन यूजर्स के लिए इस फीचर को पेश करने के लिए अभी कोई समयसीमा तय नहीं की गई है।

टोकेनाइजेशन क्या होता है?

आपके कार्ड पर मौजूद 16 अंकों के नंबर को एक यूनीक कोड से तब्दील कर दिया जाता है। इसे टोकन कहा जाता है। टोकन का इस्तेमाल आपके पेमेंट की सूचना को सुरक्षित रखने में किया जाता है और साथ ही इससे प्लास्टिक कार्ड्स के साथ जुड़े हुए सुरक्षा खतरे भी कम हो जाते हैं।

Google Pay और NBU-India के बिजनेस हेड सजीत शिवनंदन कहते हैं, “हमें इस बात की भी उम्मीद है कि मौजूदा महामारी के दौर में यूजर्स सुरक्षित तरीके से ट्रांजैक्शन करने के लिए टोकेनाइजेशऩ फीचर का इस्तेमाल करने के लिए और अधिक प्रोत्साहित होंगे। साथ ही ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही तरीकों से होने वाले इस तरह के ट्रांजैक्शंस का विस्तार होगा।”

मैं Google Pay पर अपने क्रेडिट कार्ड के ब्योरे किस तरह से स्टोर कर सकता हूं?

सबसे पहले आपको अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड गूगल पे पर जोड़ने पड़ेंगे। जब आप ऐसा करते हैं तो गूगल पे एक वर्चुअल अकाउंट नंबर तैयार करता है जिसे टोकन के नाम से जाना जाता है। यह टोकन आपके वास्तविक नंबर को रिप्लेस कर देता है।

पेमेंट्स करते वक्त आपको अपना गूगल पे खोलना पड़ता है। इसके बाद ट्रांजैक्शन के लिए आप सेव किए गए कार्ड को सेलेक्ट करते हैं। यह ट्रांजैक्शन एक वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) के जरिए ऑथेंटिकेट किया जाता है और इसके बाद पेमेंट पूरा हो जाता है।

इस पूरी प्रक्रिया में आपको कहीं भी अपना 16 अंकों का कार्ड नंबर, सीवीवी और कार्ड एक्सपायरी डिटेल साझा करने की जरूरत नहीं पड़ती है। इस तरह से ई-कॉमर्स साइट्स पर आपको शॉपिंग करने या यूटिलिटी बिलों का भुगतान करते वक्त आप सीधे भुगतान कर सकते हैं।

Google Pay पर अपना कार्ड जोड़ने के बाद मैं किसी स्टोर पर कैसे टैप एंड पे कर सकता हूं?

जब आप गूगल पे ऐप पर अपना कार्ड रजिस्टर कर लेते हैं तो उसके बाद आप कुछ भी खरीदारी कर सकते हैं।

POS टर्मिनल पर अपने मोबाइल फोन पर टैप करें और कार्ड पिन दर्ज करें। पर टैप-एंड-पे टर्मिनल की सुविधा वाले किसी भी स्टोर पर आप आसानी से भुगतान कर सकते हैं। इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए आपको कॉन्टैक्टलेस प्रतीक वाले टर्मिनल्स को खोजना चाहिए।

Google Pay के जरिए कार्ड का इस्तेमाल करते हुए मैं ऑनलाइन शॉपिंग के लिए कैसे भुगतान कर सकता हूं?

शॉपिंग वेबसाइट या ऐप पर गूगल पे को पेमेंट ऑप्शन के तौर पर चुनने के बाद आपको ट्रांजैक्शन को ऑथराइज करने का एक संदेश मिलता है। इसके बाद आप पेमेंट कर सकते हैं।

आपके पास गूगल पे पर सेव किए गए कार्ड या यूपीआई के जरिए पेमेंट करने का विकल्प होता है। आप कार्ड पेमेंट का ऑप्शन चुन सकते हैं और इस पेमेंट ट्रांजैक्शन को पूरा कर सकते हैं। इस दौरान आपको अपने कार्ड का ब्योरा मर्चेंट वेबसाइट पर नहीं देना पड़ता है।

लेकिन, मैं पहले से UPI पेमेंट्स के लिए Google Pay का इस्तेमाल कर रहा हूं। ऐसे में इस फीचर में नया क्या है?

अभी तक आपने UPI ट्रांजैक्शंस के लिए गूगल पे पर अपने बैंक अकाउंट्स लिंक किए होंगे। अब गूगल पे पर कार्ड को सेव करने के बाद आप पेमेंट करने के एक दोहरे विकल्प का फायदा उठा सकेंगे। यानी आप कार्ड और यूपीआई दोनों जरियों से पेमेंट कर पाएंगे।

अगर मेरा मोबाइल फोन बदल जाता है तो क्या मुझे गूगल पे पर फिर से कार्ड सेव करने होंगे?

हां। अगर आप अपना मोबाइल फोन बदलते हैं तो आपको अपने सभी कार्ड्स दोबारा जोड़ने पड़ेंगे क्योंकि कार्ड टोकन डिवाइस-स्पेसिफिक (यानी डिवाइस से लिंक्ड) होते हैं और आपको अपने नए मोबाइल फोन पर अपने कार्ड्स को री-टोकेनाइज करना पड़ता है।

अगर मेरा मोबाइल फोन खो जाता है तो Google Pay से लिंक्ड अपने टोकेनाइज्ड पेमेंट जरिए को मैं किस तरह से निष्क्रिय (डीएक्टिवेट) कर सकता हूं?

अच्छी बात यह है कि आप गूगल पे से कनेक्टेड डेबिट या क्रेडिट कार्ड को इंटरनेट के जरिए डीएक्टिवेट कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने गूगल अकाउंट पर जाना पड़ेगा। अपने गूगल अकाउंट पर लॉगइन कीजिए और अपनी मोबाइल डिवाइस को एंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर की मदद से लॉक कर दीजिए।

इससे आपके सभी कार्ड टोकन डीएक्टिवेट हो जाएंगे। इसका दूसरा तरीका यह है कि आप अपने सभी कार्ड टोकन को रिमूव करने के लिए आप अपने खोए हुए मोबाइल फोन से लिंक्ड गूगल अकाउंट पर जाएं और इरेज दि डिवाइस ऑप्शन चुनें। इसके जरिए डिवाइस में मौजूद सभी जानकारियां खत्म हो जाएंगी और मोबाइल डिवाइस में सेव किए गए सभी टोकेन भी हट जाएंगे।

आप अपने बैंक को भी फोन कर कार्ड टोकेन को डिसेबल करने के लिए कह सकते हैं।

 मैं Google Pay पर टोकेनाइज्ड पेमेंट मेथड को किस तरह से छोड़ सकता हूं?

आपको गूगल पे ऐप पर अपने सेव किए गए कार्ड्स को डी-रजिस्टर करना होगा। यानी आपको गूगल पे से अपने कार्ड्स हटाने होंगे। इससे ऑटोमैटिक रूप से आपके सभी टोकेनाइज्ड कार्ड पेमेंट ऑप्शन डिसेबल हो जाएंगे। इसमें गूगल पे के इस्तेमाल से टैप एंड पे, क्यूआर स्कैन बेस्ड पेमेंट और मर्चेंट्स पेमेंट्स शामिल हैं।

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