सीनियर सिटीजंस को रिटायरमेंट के बाद अलग तरह के चैलेंजेज का सामना करना पड़ता है। रेगुलर इनकम का स्रोत बंद हो जाता है। ऐसे में फाइनेंस के मामले में ठोस प्लानिंग जरूरी है। इसमें थोड़ी सी भी गलती भारी पड़ सकती है। सबसे पहले यह कैलकुलेशन जरूरी है कि आपके पास कुल कितना फंड है। नौकरी के दौरान व्यक्ति शेयरों, म्यूचुअल फंड्स, बैंक एफडी, इंश्योरेंस पॉलिसीज और रियल एस्टेट में निवेश करता है। यह निवेश रिटायरमेंट के बाद काम आता है।
एसेट और लायबिलिटी का हिसाब
यह जानने के बाद कि कुल कितना फंड है, यह पता लगाना जरूरी है कि लायबिलिटी कितनी है। इन दोनों की जानकारी हो जाने के बाद यह तय हो जाता है कि कुल कितना पैसा व्यक्ति के पास है। वैल्यू कर्व फाइनेंशियल सर्विसेज के सर्टिफायड फाइनेंशियल प्लैनर हर्षिल मोरजारिया ने कहा, "पेंशन, रेंट और एन्युटी से होने वाली इनकम का अनुमान लगाना भी जरूरी है। इससे एक व्यावहारिक कैश फ्लो प्लान बनाने में मदद मिलेगी।" अगर यह काम मुश्किल लगता है कि सीनियर सिटीजन फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद ले सकता है। इसकी वजह यह है कि इसमें गलती की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
पोर्टफोलियो का रिटर्न इनफ्लेशन से ज्यादा
आपके पोर्टफोलियो का रिटर्न टैक्स के बाद इनफ्लेशन रेट से ज्यादा होना चाहिए। इसके लिए कुछ पैसा इक्विटी जैसे लॉन्ग टर्म ग्रोथ एसेट्स में लगाना होगा। एक सीनियर सिटीजन इक्विटी में 25-40 फीसदी तक इनवेस्ट कर सकता है। फिनएज के चीफ ऑपरेटिंग अफसर मयंक भटनागर ने कहा, "रिटायरमेंट इनवेस्टिंग में रिटर्न का आपका अनुमान व्यावहारिक होना चाहिए। प्लान बनाने में आपको मार्केट में उतारचढ़ाव का ध्यान भी रखना होगा।" उन्होंने कहा कि इनफ्लेशन को ध्यान में रखे बगैर रिटायरमेंट कैश फ्लो प्लान बनाना समझदारी नहीं है।
हर साल विड्रॉल 5 फीसदी तक बढ़ सकता है
इनफ्लेशन की वजह से हर साल आपका विड्रॉल कम से कम 5 फीसदी बढ़ सकता है। इसका मतलब है कि आपके रिटायरमेंट फंड का रिटर्न इससे ज्यादा होना चाहिए। इक्विटी में निवेश आपके पोर्टफोलियो के रिटर्न को बढ़ाने में मदद करेगा। इसलिए रिटायरमेंट फंड से मिलने वाले रिटर्न पर फोकस करना बहुत जरूरी है। विड्राल और रिटर्न के बीच संतुलन नहीं होने से रिटायरमेंट फंड आपकी उम्मीद से पहले खत्म हो सकता है।
फाइनेंशियल फ्रॉड से सतर्क
पिछले कुछ सालों में फाइनेंशियल फ्रॉड के मामले काफी बढ़े हैं। ज्यादा इनके निशाने पर बुजुर्ग होते हैं। फ्रॉड करने वालों को पता होता है कि रिटायरमेंट के बाद व्यक्ति को एकमुश्त बड़ा फंड मिलता है। ऐसे में वे बुजुर्गों को अपना शिकार बनाने के लिए कई तरह के तरीके अपनाते हैं। कभी ज्यादा रिटर्न का लालच देकर किसी स्कीम में निवेश करने के लिए लुभाया जाता है। कभी झूठी कहानी बनाकर उनसे मोटी रकम वसूलने की कोशिश की जाती है। इसलिए आपको ऐसे किसी फोन कॉल, व्हाट्सअप मैसेज और मेल का रिप्लाई नहीं करना है।