Year Ender 2022: साल 2022 में पर्सनल फाइनेंस से जुड़े हुए ये 5 बदलाव, याद रहेंगे ये नियम

Personal Finance Changes and Highlights in 2022: हर एक साल में फाइनेंस से जुड़े कई बदलाव लागू होते हैं। जैसे-जैसे तकनीक डेवलप होती है इनमें विकास और इस्तेमाल दोनों की तेजी से बढ़ता है। अब देश में फाइनेंशिल प्लानिंग और प्रोटेक्शन की तरफ झुकाव बढ़ने लगा है

अपडेटेड Dec 30, 2022 पर 6:41 PM
साल 2022 में हुए ये 5 बड़े बदलाव

Personal Finance Changes and Highlights in 2022: हर एक साल में फाइनेंस से जुड़े कई बदलाव लागू होते हैं। जैसे-जैसे तकनीक डेवलप होती है इनमें विकास और इस्तेमाल दोनों की तेजी से बढ़ता है। अब देश में फाइनेंशिल प्लानिंग और प्रोटेक्शन की तरफ झुकाव बढ़ने लगा है क्योंकि लोगों के बीच मिलकर काम करना कोविड के समय में काफी कम हो गया है। यहां आपको साल 2022 के ऐसे फाइनेंस से जुड़े पलों के बारे में बता रहे हैं जो आपके लिए जानना जरूरी हैं।

कार्ड टोकनाइजेशन

डिजीटल पेमेंट का इस्तेमाल बढ़ने से RBI ने साल 2019 में कार्ड टोकनाइज करने की इजाजत दी थी। ताकि, कार्ड पेमेंट से जुड़ी ट्रांजेक्शन को सुरक्षित किया जा सके। RBI ने इसे लागू करने के लिए 1 अक्टूबर की डेडलाइन रखी थी। कार्ड टोकनाइजेशन के जरिये थर्ड पार्टी या ऑनलाइन मर्चेंट आपकी डिटेल को सेव नहीं कर पाएंगे।


NRI इस्तेमाल कर सकते हैं भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS)

अब NRI भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) के जरिये कई यूटिलिटी बिल, एजुकेशन फीस आदि सीधे भारत में पे कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म पर 20,000 से अधिक बिलर्स हैं। इस पर हर महीने 8 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन होती है। इससे सीनियर सिटीजन को काफी फायदा होता है जो अपने एनआरआई रिश्तेदारों पर निर्भर हैं।

सेंट्रल बैंक की डिजिटल करेंसी

RBI ने 1 दिसंबर 2022 को डिजिटल करेंसी आम लोगों के लिए लॉन्च कर दी। ये फिजिकल कैश की तरह है बस फर्क इतना है कि आप इसे अपने पर्स में रखने की जगह डिजिटल वॉलेट में रखेंगे। ये एक लीगल टेंडर की तरह ही काम करेगा। इसे आरबीआई मान्यता देता है और ये देश में एक्सचेंज करने के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स

सरकार ने डिजीटल ऐसट्स यानी क्रिप्टोकरेंसी पर सीधे 30 फीसदी का टैक्स लगाया है। ये टैक्स इस साल 2022 के बजट में लगया गया था।

विदेशी प्रत्यक्ष निवेश व्यवस्था में बदलाव (Change in Overseas Direct Investment System)

आरबीआई ने कई छूट और नियमों में बदलाव के साथ एक रिवाइज ODI सिस्टम की शुरुआत की है। इसमें पोर्टफोलियो निवेश को परिभाषित करने, स्टार्ट-अप से संबंधित नियम, राउंड-ट्रिपिंग के नियमों को रिवाइज किया गया है। सर्विस सेक्टर में विदेशी निवेश के नियमों को स्पष्ट किया गया है। इससे HNI और कॉरपोरेट्स को निवेश के लिए बेहतर वातावरण मिल पाएगा।

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