LIC की लिस्टिंग, OPD कवर, ऐसे ही 7 रिफॉर्म से पूरी तरह बदल गया इंश्योरेंस सेक्टर

Yearender 2022 : 2022 लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर के लिए बड़े बदलाव का दौर रहा। महामारी ने मेडिकल जांच और पॉलिसी खरीद के साथ-साथ क्लेम सेटलमेंट के तरीकों को बदलकर रख दिया। हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों की प्रीमियम आय में खासा इजाफा हुआ। भारतीयों में लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस कवर लेने या बढ़ाने की खासी होड़ देखने को मिली

अपडेटेड Dec 30, 2022 पर 3:38 PM
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कोविड19 के बाद बीमा कंपनियों और पॉलिसीहोल्डर्स ने पॉलिसी खरीदने, मेडिकल जांच, पॉलिसी सर्विसिंग और क्लेम सेटलमेंट के लिए डिजिटल साधनों को तुरंत अपना लिया था

Review 2022 : बीते दो साल विशेषकर 2022 लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर के लिए बड़े बदलाव का दौर रहा। महामारी ने मेडिकल जांच और पॉलिसी खरीद के साथ-साथ क्लेम सेटलमेंट के तरीकों को बदलकर रख दिया। हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों की प्रीमियम आय में खासा इजाफा हुआ। भारतीयों में लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस कवर लेने या बढ़ाने की खासी होड़ देखने को मिली। एजियस फेडरल लाइफ इंश्योरेंस (Ageas Federal Life Insurance) के एमडी और सीईओ विघ्नेश शहाणे ने कहा, महामारी की तबाही के बाद प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स में कस्टमर्स की दिलचस्पी खासी ज्यादा नजर आई है। हम 2022 में इंश्योरेंस सेक्टर में हुए सात अहम घटनाक्रमों के बारे में बता रहे हैं...

LIC का आईपीओ पॉलिसीहोल्डर्स के लिए मुनाफे का सौदा

एलआईसी के 21 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ में ऑफर साइज का 10 फीसदी पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व था। प्राइस बैंड 902-949 रुपये तय किया गया था। पॉलिसीहोल्डर्स को 60 रुपये प्रति शेयर का डिस्काउंट दिया गया था। हालांकि, एलआईसी के शेयर ने अभी तक इनवेस्टर्स को निराश किया है। शेयर 29 दिसंबर को 684 रुपये के आसपास बंद हुआ है।


गारंटीड रिटर्न वाली पॉलिसीज पर जीवन बीमा कंपनियों पर जोर

RBI ने मई, 2022 में रेपो रेट बढ़ाने की शुरुआत की थी। इससे लोन और एफडी पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों ने पारम्परिक एंडोमेंट पॉलिसी पेश कीं, जिसे पॉलिसीहोल्डर्स के लिए ऊंची ब्याज दरों का फायदा उठाने के मौके के रूप में प्रचारित किया गया।

हेल्थ प्रीमियम बढ़े, नए प्रोडक्ट आए

इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक, 2020 और 2021 के दौरान क्लेम्स में खासी बढ़ोतरी के कारण हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम (health insurance premiums) लगभग 8-15 फीसदी तक बढ़ गए। इसके साथ ही देश में हेल्थकेयर की कॉस्ट भी बढ़ गई। इस साल ज्यादा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों ने ओपीडी पॉलिसी लॉन्च कीं, जिनमें हॉस्पिटलाइजेशन की कॉस्ट के अलावा डॉक्टर के कंसल्टेशन जैसे खर्च और फॉर्मेसी बिल्स की कॉस्ट कवर की जाती है।

नए मोटर इंश्योरेंस राइडर्स

मार्च, 2022 में देबाशीष पांडा के चेयरमैन बनने के बाद इरडा ने खासे सुधार किए। IRDAI ने pay-as-you-use, pay-as-you-drive  जैसे राइडर्स के साथ ‘इनोवेटिव’ मोटर इंश्योरेंस और और मोटर फ्लोटर पॉलिसीज पेश करने को मंजूरी दे दी।

प्रोडक्ट के जल्द लॉन्च के लिए यूज और फाइल प्रोसिजर

यूज एंड फाइल नॉर्म्स से इंश्योरेंस कंपनियों को रेगुलेटर से पहले मंजूरी लिए बिना नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की अनुमति मिली। इससे इंडस्ट्री में खासा लचीलापन आया।

इरडा ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए उठाया ये कदम

एडेलवाइस जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ शनाई घोष ने कहा, इस साल रेगुलेटर की तरफ उठाए कदमों के कई दूरगामी परिणाम होंगे। इसमें यूज एंड फाइल प्रोडक्ट्स, कैटेगरी एजेंसी के लिए पार्टनरशिप्स की संख्या बढ़ाना, टेलीमैटिक्स बेस्ड मोटर इंश्रेंस शामिल हैं।

हालांकि, इरडा (IRDAI) एजेंट्स के लिए 20 फीसदी कमीशन की सीमा को लागू नहीं किया। अब बीमा कंपनियों को बोर्ड से स्वीकृत पॉलिसीज के तहत एजेंट्स को कमीशन का स्ट्रक्चर तय करने में स्वतंत्रता मिल सकती है। वहीं कमीशन को कुल खर्च की सीमा के साथ जोड़ना एक पॉजिटिव कदम है। इंश्योरेंस एक्ट में संशोधन पारित होने के बाद अगले साल इंश्योरेंस कंपनियों को कम्पोजिट लाइसेंस जारी करने की योजना है। इससे कंपनियां लाइफ और जनरल इंश्योरेंस बिजनेस का प्रबंधन कर सकेंगी।

डिजटलीकरण की योजना

कोविड19 के बाद बीमा कंपनियों और पॉलिसीहोल्डर्स ने पॉलिसी खरीदने, मेडिकल जांच, पॉलिसी सर्विसिंग और क्लेम सेटलमेंट के लिए डिजिटल साधनों को तुरंत अपना लिया था। यह बदलाव बना रहेगा।

नए साल में ई-इंश्योरेंस अकाउंट लागू होने के साथ ही प्रस्तावित बीमा सुगम प्लेटफॉर्म (Bima Sugam) लॉन्च हो सकता है। यह रेगुलेटर और इंडस्ट्री बैक्ड डिजिटल पोर्टल है, जिसके जरिये पॉलिसीहोल्डर्स सीधे बीमा कंपनियों और प्लेटफॉर्म की डिस्ट्रीब्यूटर्स से प्रोडक्ट्स खरीद सकते हैं।

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