Yes Bank ने हाल में फ्लोटिंग रेट एफडी लॉन्च किया है। इसमें पैसा रखने वाले ग्राहकों को इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर फायदा होगा। अभी इंटरेस्ट बढ़ने पर बैंकों के Fixed Deposit ग्राहकों को कोई फायदा नहीं होता।

Yes Bank ने हाल में फ्लोटिंग रेट एफडी लॉन्च किया है। इसमें पैसा रखने वाले ग्राहकों को इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर फायदा होगा। अभी इंटरेस्ट बढ़ने पर बैंकों के Fixed Deposit ग्राहकों को कोई फायदा नहीं होता।
RBI ने इस फाइनेंशियल ईयर में इटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू किया है। इसका मकसद तेजी से बढ़ती महंगाई को काबू में करना है। यस बैंक के फ्लोटिंग रेट एफडी में इंटरेस्ट रेट बढ़ने का फायदा इसके ग्राहकों को अपने आप होगा।
फ्लोटिंग रेट एफडी का इंटरेस्ट रेट रेपो रेट से लिंक्ड है। RBI ने मई और जून में रेपो रेट बढ़ाया है। दो महीने में रेपो रेट में 0.90 फीसदी वृद्धि की गई है। फ्लोटिंग रेट एफडी में रेपो रेट में एक मार्क-अप जोड़ा जाएगा। यह वह फाइनल रेट होगा जो ग्राहकों को मिलेगा। अभी 3 साल तक के फ्लोटिंग रेट एफडी पर मार्क-अप के बाद इंटरेस्ट रेट 6.5 फीसदी है।
अभी Axis Bank के तीन साल के एफडी पर इंटरेस्ट रेट 5.7 फीसदी और SBI के एफडी पर 5.35 फीसदी है। इसके मुकाबले Yes Bank के फ्लोटिंग रेट एफडी का इंटरेस्ट रेट ज्यादा है। लेकिन, यह AU Small Finance Bank के तीन साल के FD के 6.9 फीसदी इंटरेस्ट रेट से कम है।
यस बैंक के फ्लोटिंग रेट एफडी में एक साल से लेकर तीन साल से कम अवधि के लिए पैसा रखा जा सकता है। आम तौर पर सिंगल इंटरेस्ट रेट साइकिल की अवधि तीन साल होती है। इस दौरान इंटरेस्ट रेट ऊपर जाता है या नीचे जाता है।
यस बैंक के फ्लोटिंग रेट एफडी में कम से कम 10,000 रुपये इनवेस्ट करना होगा। इंटरेस्ट रेट के दो हिस्से होंगे-बेंचमार्क रेट (रेपो रेट) और मार्क-अप। दोनों को जोड़ने के बाद फाइनल इंटरेस्ट रेट मिलेगा। एक बार इनवेस्ट करने के बाद पूरी अवधि के दौरान मार्क-अप फिक्स्ड रहेगा। रेपो रेट में बदलाव होगा। यह बदलाव RBI के रेपो रेट बढ़ाने के बाद के महीने की पहली तारीख को होगा।
इनवेस्टर को इस एफडी स्कीम में क्वाटर्ली इंटरेस्ट कंपाउंडिंग ऑप्शन मिलेगा। लेकिन, इंटरेस्ट और मूलधन का पैसा एफडी मैच्योर करने पर ही मिलेगा। इस एफडी पर प्रिंसिपल की वैल्यू के 90 फीसदी तक ओवरड्रॉफ्ट की सुविधा होगी। मैच्योरिटी से पहले पैसे निकालने पर 1 से 3 फीसदी के बीच पेनाल्टी लगेगी।
फ्लोटिंग रेट एफडी इनवेस्टर्स के लिए फायदेमंद है, क्योंकि अभी इंटरेस्ट रेट में वृद्धि जारी रहने की संभावना है। प्लान रूपी इनवेस्टमेंट सर्विसेज के फाउंडर अमोल जोशी ने कहा, "अभी फ्लोटिंग रेट एफडी में इनवेस्ट करने में फायदा है।" इस स्कीम की कमी यह है कि रेपो रेट घटने पर इसका इंटरेस्ट रेट घट जाएगा। दूसरा, यह कि इनवेस्टर को रेगुलर पेआउट की सुविधा नहीं है। एफडी मैच्योर करने पर ही उसे पैसा वापस मिलेगा।
इस एफडी स्कीम का इंटरेस्ट रेट एक औसत इनवेस्टर के लिए थोड़ा जटिल है। आम तौर पर एफडी मैं पैसा रखने वाले लोग फिक्स्ड रिटर्न की उम्मीद करते हैं। रूंगटा सिक्योरिटीज के प्रिंसिपल फाइनेंशियल प्लानर हर्ष रूंगटा ने कहा, "एफडी के ज्यादातर इनवेस्टर रेपो रेट घटने या बढ़ने के कारणों को नहीं समझते। ऐसे इनवेस्टर्स को फ्लोटिंग रेट एफडी में निवेश नहीं करना चाहिए।"
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