यह फाइनेंशियल ईयर खत्म होने जा रहा है, 31 मार्च से पहले ये 6 काम जरूर कर दें नहीं तो होगी दिक्कत

अगर आपने टैक्स-सेविंग्स पूरी नहीं की है तो आपको यह काम 31 मार्च से पहले कर देना होगा। इसी तरह फाइनेंशियल ईयर 2019-20 का रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए आखिरी तारीख 31 मार्च होगा। अगर आपने पैन से आधार को लिंक नहीं कराया है तो इसे 31 मार्च तक करना होगा

अपडेटेड Mar 14, 2023 पर 6:26 PM
पैन को आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख 31 मार्च है। ऐसा लगता है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस समयसीमा को इस बार नहीं बढ़ाएगा।

फाइनेंशियल ईयर 2022-23 जल्द खत्म होने जा रहा है। टैक्सपेयर्स के लिए कुछ ऐसे काम हैं, जिन्हें 31 मार्च से पहले खत्म कर लेना जरूरी होता है। अगर आपने ये काम 31 मार्च तक पूरे नहीं किए तो आपको दिक्कत हो सकती है। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

1. 31 मार्च से पहले आधार और पैन को लिंक करें

पैन को आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख 31 मार्च है। ऐसा लगता है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस समयसीमा को इस बार नहीं बढ़ाएगा। अगर आपने अब तक अपना पैन आधार से लिंक नहीं कराया है तो 31 मार्च से पहले करा दें। ऐसा नहीं करने पर आपका पैन इनऑपरेटिव हो जाएगा। इसके चलते आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर सकेंगे। आपको बैंकिंग सेवाओं और इनवेस्टमेंट से जुड़े ट्रांजेक्शन में भी दिक्कत आ सकती है, क्योंकि आपका KYC इनवैलिड हो जाएगा। आपको पैन को आधार से लिंक करने के लिए 1000 रुपये फीस चुकानी होगी।

2.   एडवान्स टैक्स का पेमेंट


अगर फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में आपकी इनकम टैक्स लायबिलिटी 10,000 रुपये से ज्यादा है तो आपको 15 मार्च तक एडवान्स टैक्स का पेमेंट जरूर कर देना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को इंटरेस्ट चुकाना होगा। अगर आपको बिजनेस या प्रोफेशन से कोई इनकम होती है और आपने सेक्शन 44एडी और 44 ADA के तहत प्रिजम्पटिव टैक्सेशन को सेलेक्ट किया है तो आपको 15 मार्च से पहले 100 फीसदी एडवान्स टैक्स डिपॉजिट करना होगा।

यह भी पढ़ें : अब आप EMI पर शादी भी कर सकते हैं, जानिए 'Marry now, pay later' फैसिलिटी के बारे में

अगर आप दूसरे तरह के टैक्सपेयर हैं तो आपके लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को चौथी किस्त चुकाना जरूरी है। अगर आप एडवान्स टैक्स पेमेंट चुकाना भूल जाते हैं तो आपको सेक्शन 234बी और सेक्शन 234सी के तहत टैक्स अमाउंट पर इंटरेस्ट चुकान होगा।

3. फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए टैक्स-सेविंग्स

अगर आप इनकम टैक्स की ओल्ड टैक्स रीजीम का इस्तेमाल करते हैं तो आपस इनकम टैक्स के चैप्टर VIA के तहत आप तय ऑप्शन के पेमेंट या निवेश पर टैक्स-सेविंग्स कर सकते हैं:

(I) सेक्शन 80सी- अगर आप निर्धारित इनवेस्टमेंट स्कीम जैसे-म्यूचुअल फंड्स की ELSS, लाइफ इंश्योरेंस, ULIP, PPF, सुकन्या समृद्धि स्कीम, एनएससी, टैक्स सेविंग्स एफडी आदि में निवेश करते हैं तो इनकम टैक्स आपको सालाना 1.50 लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत देता है।

(II) सेक्शन 80CCD(1B)-इनकम टैक्स के नियमों के तहत आप NPS में अतिरिक्त 50,000 के निवेश पर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। यह सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाले डिडक्शन के अतिरिक्त होगा।

(III) सेक्श 80D-मेडिकल इमर्जेंसीज से निपटने में हेल्थ इंश्योरेंस बहुत हेल्प करता है। इनकम टैक्स के नियमों के तहत आप मेडीक्लेम पॉलिसी को खरीदकर 1 लाख रुपये तक डिडक्शन का दावा कर सकते हैं।

इसका ब्रेकअप इस तरह से होगा:

खुद, पत्नी/पति, डिपेंडेंट बच्चों (60 साल से कम उम्र खुद, पत्नी/पति, डिपेंडेंट बच्चों (60 साल से ज्यादा उम्र) कोई पेरेंट या दोनों पेरेंट्स (60 साल से कम उम्र) कोई पेरेंट या दोनों पेरेंट्स (60 साल से ज्यादा उम्र)
25,000 रुपये  50,000 रुपये 25,000 रुपये  50,000 रुपये

 

4. फॉर्म 12B सब्मिट कर दें

अगर आप सैलरीड एंप्लॉयी हैं और आपने अपनी नौकरी बदली है तो अपने मौजूदा एंप्लॉयर के टीडीएस के सही कैलकुलेशन के लिए आपको फॉर्म12 में अपने पुराने एंप्लॉयल से इनकम की डिटेल को सब्मिट करना नहीं भूलना चाहिए। अगर आप मौजूदा एंप्लॉयर को डिटेल सब्मिट नहीं करते हैं तो वह कम टीडीएस डिडक्ट कर सकता है। ऐसा होने पर आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त इनकम टैक्स पर इंटरेस्ट चुकाना पड़ सकता है।

5. PPF या सुकन्या समृद्धि अकाउंट में मिनिमम डिपॉजिट

अगर आपने पीपीएफ या सुकन्या समृद्धि अकाउंट ओपन किया है तो इनमें फाइनेंशियल ईयर में मिनिमम डिपॉजिट करना जरूरी है। PPF में आपको कम से कम 500 रुपये का डिपॉजिट करना पड़ेगा। सुकन्या समृद्धि योजना में आपको कम से कम 250 रुपये का डिपॉजिट एक फाइनेंशियल ईयर में करना होगा। अगर आप मिनिमम अमाउंट इनवेस्ट नहीं करते हैं तो आपका अकाउंट इनऑपरेटिव हो सकता है।

6. फाइनेंशियल ईयर 2019-20 और 2020-21 के लिए ITR U

अगर आपने किसी वजह से फाइनेंशियल ईयर 2019-20 का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है या फाइल करने के बाद आपको किसी गलती का पता चला है और आप इसे रिवाइज करना चाहते हैं तो आपको फॉर्म ITR U में अपडेटेड रिटर्न भरना होगा। इसके लिए आपको रिटर्नर्ड इनकम के ऊपर 50 फीसदी अतिरिक्त टैक्स चुकाना होगा।

फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के लिए ITR U फाइल करने की अंतिम तारीख 31 मार्च, 2023 है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस मिल सकता है। अगर बाद में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को कम टैक्स चुकाने के बारे में पता चलता है तो वह पेनाल्टी भी लगा सकता है। फाइनेंशियल ईययर 2020-21 के लिए आप 31 मार्च से पहले अपडेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। इसके लिए आपको 25 फीसदी अतिरिक्ट टैक्स चुकाना होगा। 1 अप्रैल, 2023 के बाद यह बढ़कर 50 फीसदी हो जाएगा।

(अभिषेक अनेजा सीए हैं। वह पर्सनल फाइनेंस और इनकम टैक्स से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट हैं।)

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।