योर मनीः बिना सोच-समझे कर्ज लेने से बचें

कर्ज लेना गलत नही है, लेकिन बिना सोचे समझे कर्ज लेना आपकी आर्थिक सेहत को बिगाड सकता है।

अपडेटेड Apr 09, 2019 पर 3:07 PM

आप किसी उम्र के हों, किसी भी वर्ग के हैं, आपके सपने की जिंदगी बस एक निवेश दूर है। योर मनी के जरिए हम आपको सही निवेश रणनीति के जरिए अपने आज और अपने भविष्य को सुखद बनाने के लिए प्रेरित करत हैं। आइए आज भी फाइनेंशियल प्लानिंग के कई पहलुओं पर हम विशफिन के सीईओ ऋषि मेहरा से खास चर्चा करेंगें।

कर्ज लेना आजकल हमारी लाइफस्टाइल की जरूरत बन गई है। कर्ज लेना गलत नही है, लेकिन बिना सोचे समझे कर्ज लेना आपकी आर्थिक सेहत को बिगाड सकता है। जैसे की कई लोग कर्ज में इतने डुबे होते हें के पूरी कमाई का 50 फीसदी ईएमआई चुकाने में जाता है। काफी लोग, कर्ज चुकाने के लिए और कर्ज लेते हैं। 5 से 7 क्रेडिट कार्ड पर या तो बकाया चलता रहता है या फिर बिना कर्ज के चलता रहता है।

सबसे पहले तो यह जान लें कि लोन चुकाने के लिए लोन ना लें। सैलेरी का 50 फीसदी हिस्सा ईएमआई में जाना खतरे की घंटी है। किराए, पढ़ाई जैसे तय खर्च आय का 70 फीसदी से ज्यादा ना हो। ढेर सारा सामान ईएमआई पर ना लें। मेडिकल खर्चों, नौकरी ना रहने पर कर्ज का बोझ रहेगा। 6 महीने के इमरजेंसी फंड से कर्ज का बोझ कम होगा। छोटी जरूरतों के लिए कर्ज ना लें।

इसके अलावा साल भर में 2 से ज्यादा बार कर्ज ना लें। क्रेडिट कार्ड से कैश ना निकालें। क्रेडिट कार्ड का बकाया समय पर चुकाएं। खराब क्रेडिट स्कोर से बैंक में लोन अर्जी रिजेक्ट होगी। भविष्य में कमाई की उम्मीद की आस में लोन ना लें। ईजी ईएमआई पर महंगे गैजेट की खरीदारी संभलकर करें।

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