क्या आपका पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) अकाउंट है? अगर है तो अच्छा है, नहीं है तो आपको जल्द एक पीपीएफ अकाउंट ओपन कर लेना चाहिए। PPF रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए बहुत जरूरी है। अगर इसमें हर साल इनवेस्ट किया जाए तो मैच्योरिटी तक अच्छा फंड तैयार हो जाता है। इसलिए यह आपके फाइनेंशियल गोल (Financial Goal) को हासिल करने में भी मददगार हो सकता है।
टैक्स के लिहाज से बहुत फायदेमंद है पीपीएफ
PPF की कई खासियतें हैं। पहला, इसमें इनवेस्टमेंट पर आपको इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है। सिर्फ यहीं नहीं, इसमें एग्जेम्पट-एग्जेम्पट-एग्जेम्पट (EEE) बेनिफिट भी मिलता है। इसका मतलब है कि आपके कंट्रिब्यूशन पर टैक्स नहीं लगता है। आपके डिपॉजिट पर मिलने वाले इंट्रेस्ट पर टैक्स नहीं लगता है। आखिर में मैच्योरिटी पर मिलने वाला टोटल अमाउंट पर भी किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। ऐसे बहुत कम इनवेस्टमेंट ऑप्शन हैं, जिनमें EEE का बेनिफिट मिलता है।
एक फाइनेंशियल ईयर में कर सकते हैं 1.5 लाख रुपये इनवेस्ट
PPF में एक फाइनेंशियल ईयर में मैक्सिमस 1.5 लाख रुपये जमा किया जा सकता है। आप बैंक या पोस्ट ऑफिस में पीपीएफ अकाउंट ओपन कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इसमें आप मंथली या एनुअली पैसा जमा कर सकते हैं। हर साल इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त आप पीपीएफ में जमा रकम पर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। इसकी आपकी टैक्स लायबिलिटी कम हो जाएगी।
पीपीएफ का इंट्रेस्ट रेट भी आकर्षक है
अभी पीपीएफ का इंट्रेस्ट रेट 7.1 फीसदी है। यह दूसरी सरकारी इनवेस्टमेंट स्कीम के इंट्रेस्ट रेट से ज्यादा है। केवीपी सहित दूसरी स्कीम से मिलने वाला रिटर्न इससे काफी कम है। दूसरा, कम अमाउंट से भी आप पीपीएफ अकाउंट ओपन कर सकते हैं। शर्त यह है कि आपको हर फाइनेंशियल ईयर में इसमें कम से कम 500 रुपये डिपॉजिट करना होगा। आपको लगातार 15 साल तक इसमें पैसे जमा करने पड़ते हैं। फिर आपका अकाउंट मैच्योर हो जाता है।
ज्यादा रिटर्न के लिए अपनाएं यह तरीका
सबसे पहले तो यह कि अगर आपने अब तक PPF अकाउंट नहीं ओपन किया है तो इसे किसी महीने की 1 से 4 तारीख के बीच खोल ले। अप्रैल महीने में 1 से 4 तारीख तक अकाउंट ओपन करना सबसे फायदेमंद है। लेकिन, आपको हाथ से यह मौका जा चुका है। इसलिए आप अगले महीने की 1 से 4 तारीख तक अकाउंट ओपन कर सकते हैं। 4 अप्रैल के बाद अकाउंट ओपन करने पर इंट्रेस्ट का कैलकुलेशन अगले महीने यानी मई से होता है।
पीपीएफ में इंट्रेस्ट के कैलकुलेशन के लिए एक खास तरीका है। हर महीने की 5 तारीख से लेकर आखिरी तारीख (30 या 31 तारीख) के बीच अकाउंट के मिनिमम बैलेंस पर इंट्रेस्ट का कैलकुलेशन होता है। फिर पूरे फाइनेंशियल ईयर के इंट्रेस्ट को 31 मार्च के बाद अकाउंट होल्डर के खाते में डाल दिया जाता है। इसलिए अगर आप हर महीने की 1 से 4 तारीख के बीच पीपीएफ अकाउंट में पैसा डाल देते हैं तो आपको ज्यादा इंट्रेस्ट मिलता है।