ज़ेरोधा (Zerodha) के CEO नितिन कामत (Nitin Kamath) कई मौकों पर ये जोर देते आए हैं कि किसी भी शख्स को फाइनेंशियल समझ या ज्ञान (Financial Knowledge) उसकी उम्र के शुरुआती दौर से ही मिलना चाहिए। उनका मानना है कि स्कूलों में छात्रों को पैसा निवेश (Money Investment) करने की मूल बातें सिखानी चाहिए। ये ठीक वैसे ही होना चाहिए जैसे कि फिजिक्स और केमिस्ट्री के फॉर्मूला याद कराए जाते हैं।
शुक्रवार को एक ट्वीट में, नितिन कामत ने संसद में बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या (Tejasvi Surya) का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्हें ये कहते सुना गया कि कई युवा भारतीय फाइनेंशियल मैनेजमेंट स्किल्स की समझ नहीं रखते थे।
क्लिप में सूर्या ने कहा, "औपचारिक स्कूली शिक्षा में हमारे पास वित्तीय साक्षरता नहीं है।" उन्होंने कहा कि अगर छात्रों को स्कूलों और कॉलेजों में बेसिक फाइनेंशियल स्किल्स सिखाई जाती है, तो वे अपने जीवन में बेहतर ढंग से योजना बना सकते हैं और धोखाधड़ी वाली योजनाओं से भी बच सकते हैं।
सूर्या ने शिक्षा मंत्रालय से मनी मैनेजमेंट को स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई का हिस्सा बनाने पर विचार करने का आग्रह किया। कामत ने भी इस तर्क का समर्थन किया, और अपनी तरफ से मंत्रालय की इसमें मदद करने की पेशकश दी।
ट्वीट में Zerodha के CEO ने कहा, "मुझे अभी भी एक सर्कल के एरिया का फॉर्मूला याद है या स्कूल में जो पढ़ा था कि CH3OH मेथनॉल का फॉर्मूला है।"
उन्होंने आगे कहा, "इसी तरह, अगर हम स्कूल में फाइनेंस की मूल बातें सिखाते हैं, जैसे जल्दी निवेश क्यों शुरू करें? मुद्रास्फीति, बीमा, रिटायरेमेंट स्कीम, आदि। ये पाठ जीवन भर काम आएंगे।"
नितिन कामत के सुझाव पर क्या बोले यूजर्स?
ट्वीटर यूजर्स ने भी कामत की बात पर सहमति जताई।
एक यूजर ने कॉमेंट किया, "बेसिक अकाउंटिंग और फाइनेंशियल ज्ञान होना चाहिए। इससे ऐसी जागरूकता भी होगी, जो उन्हें (युवाओं को) पोंजी टोकन और स्कीम में निवेश करने से रोक देगा।"
एक और यूजर ने कहा, "किसी को भी पर्सनल फाइनेंस के बारे में शिक्षित करने की एक पहल करना जरूरी है, लेकिन यह और भी बेहतर होगा अगर इन कॉन्सेप्ट को औपचारिक रूप से स्कूलों में पढ़ाया जाए।"
कामत ने पिछले महीने Moneycontrol से उन बातों के बारे में बात की थी, जो पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों को ध्यान में रखनी चाहिए। उन्होंने फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे सुरक्षित विकल्पों के साथ शुरुआत करने का सुझाव दिया।
कामत ने कहा था, "मैं कहता हूं कि अगर आप युवा हैं और शेयर बाजार, म्युचुअल फंड आदि के बारे में नहीं जानते हैं, तो बैंक डिपॉजिट के साथ शुरुआत करने पर विचार है।"
उन्होंने कहा कि बचत जल्दी शुरू होनी चाहिए, लेकिन अगर संभव हो, तो ऐसे अनुभवों पर भी खर्च करना चाहिए, जो उन्हें बढ़ने में मदद करें।