12 अप्रैल 2011


hindimoneycontrol.com


भविष्य की प्लानिंग करते समय हम सब आकस्मिक तौर पर आने वाले खर्चों को बिलकुल भूल ही जाते हैं। कोई भी व्यक्ति बुरे समय के लिए योजना बनाकर नहीं चलता है। किसी भी परिवार के लिए सबसे ज्यादा दुखदाई स्थिति वही होती है जब उसका प्रमुख कमाने वाला व्यक्ति मुश्किल में पड़ जाता है। बदलती जीवनशैली के चलते युवावस्था में ही डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियों के होने की आशंका तेज हो जाती है। इनसे ना सिर्फ मानसिक बल्कि आर्थिक तौर पर भी काफी कठिनाई झेलनी पड़ सकती है।


कुछ जरूरी मीडिया रिपोर्टें


अंतरराष्ट्रीय डायबिटीज फेडरेशन के मुताबिक 2009 में दुनिया में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मरीजों की संख्या भारत में थी-ब्लूमबर्ग रिपोर्ट


1998-2008 के दौरान भारत में हाई ब्लडप्रेशर के मरीजों की संख्या 8.7 करोड़ तक पहुंच गई थी, वहीं देश की कुल जनसंख्या का 21-26 फीसदी हिस्सा हाई बीपी से प्रभावित है।


ध्यान रखने लायक सबसे पहली और सबसे जरूरी बातें-


•    परिवार में प्रत्येक व्यक्ति के लिए हेल्थ इंश्योरेंस जरूरी होना चाहिए
•    नियोक्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए कवर के अलावा भी अलग से एक लाइफ कवर होना चाहिए
•    बढ़ती महंगाई को देखते हुए 1-2 लाख रुपये के बीच का कवर किसी भी तरह पर्याप्त नहीं कहा जा सकता है।


अपनी खास जरुरतों को देखें और ये सुनिश्चित करें कि आपके परिवार में सभी के पास हेल्थ पॉलिसी हो।


आपातकाल के लिए तैयार रहने के दौरान हेल्थ पॉलिसी लेना पहला कदम होता है। अगले कदम में आप भविष्य के लक्ष्यों के लिए योजना बनाएं। पर याद रखें कि शांतिपूर्ण जीवन के लिए आपातकाल के लिए योजना बनाना सबसे पहला कदम होना चाहिए।