25 जून 2011
सीएनबीसी आवाज़
अक्सर देखा गया है कि हानि की दशा में रिटर्न दाखिल करने के प्रावधानों की सही जानकारी नहीं होने की वजह से कई लोग हानि को आगामी वर्षों में केरी-फॉरवर्ड करने से चूक जाते हैं। इसके लिए हानि का उसी कर निर्धारित वर्ष में समायोजन, आगामी वर्षों में केरी-फॉरवर्ड एवं रिटर्न फाइल करने के प्रावधानों को समझ लेना आवश्यक है। इससे संबंधित प्रावधान निम्न प्रकार हैं :-
1. उसी कर निर्धारण वर्ष में समायोजन से संबंधित प्रावधान - किसी भी कर निर्धारण वर्ष की हानि का सर्वप्रथम उसी कर निर्धारण वर्ष के लाभ से समायोजन विभिन्न परिस्थितियों में निम्न प्रकार किया जाता है –
(अ) समान मद में समायोजन - यदि एक ही मद में एक सोर्स से हानि हो एवं एक से लाभ तो निम्न अपवादों के अलावा एक सोर्स की हानि का समायोजन दूसरे सोर्स के लाभ से किया जा सकता है।
अपवाद –
स्पेक्यूलेशन व्यवसाय से हानि - यह हानि स्पेक्यूलेशन व्यवसाय के लाभ से ही समायोजित की जा सकती है। जैसे : गैर अनुसूचित एक्सचेंज में (वायदा कारोबार)।
लांग टर्म केपिटल हानि- यह हानि केवल लांग टर्म केपिटल लाभ से ही समायोजित की जा सकती है। जैसे : प्रॉपर्टी, गोल्ड, शेयर आदि।
हार्स रेस से हानि - यह हानि केवल हार्स रेस से ही समायोजित की जा सकती है।
लॉटरी और क्रॉस-वर्ड पजल से हानि - यह हानि किसी भी लाभ से समायोजित नहीं की जा सकती है।
(ब) अंतर मद समायोजन - यदि एक मद में हानि हो और अन्य मद में लाभ तो निम्न अपवादों के अलावा एक मद की हानि का समायोजन दूसरे मद की हानि से किया जा सकता है।-निम्न हानि अन्य किसी मद के लाभ से समायोजित नहीं की जा सकती है।
- स्पेक्यूलेशन व्यवसाय से हानि
- केपिटल गेन मद से हानि
- हार्स रेस से हानि
-लॉटरी एवं क्रॉस-वर्ड पजल से हानि
- व्यवसाय की हानि, सेलेरी मद की आय से समायोजित नहीं की जा सकती है।
2. आगामी वर्षों में हानि को केरी - फॉरवर्ड करने संबंधित प्रावधान - यदि कोई हानि उसी कर निर्धारण वर्ष में समायोजित नहीं हो पाती है तो उसे आगामी वर्षों के लिए केरी-फॉरवर्ड किया जा सकता है। विभिन्न मदों की हानि को आगामी वर्षों में किस लाभ से समायोजन कितने वर्षों तक किया जा सकता है, इससे संबंधित प्रावधान निम्न प्रकार हैं-
- हाउस प्रॉपर्टी की हानि, हाउस प्रॉपर्टी मद में लाभ से 8 वर्षों तक समायोजित जा सकती है।
- स्पेक्यूलेशन व्यवसाय की हानि (गैर अनुसूचित एक्सचेंज में वायदा कारोबार आदि) स्पेक्यूलेशन व्यवसाय के लाभ से4 वर्षों तक समायोजित जा सकती है। हानि को केरी - फॉरवर्ड करने के लिए नियत तिथि के पूर्व रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।
- नॉन-स्पेक्यूलेशन व्यवसाय की हानि (अनएबसोबर्ड डेपरिसिएशन, साइंटिफिक रिसर्च पर कैपिटल एक्सपेंडीचर और फैमिली प्लानिंग को छोड़कर) किसी भी व्यवसाय के लाभ से (जिसमें स्पेक्यूलेशन लाभ भी सम्मिलित है) 8 वर्षों तक समायोजित जा सकती है। हानि को केरी - फॉरवर्ड करने के लिए नियत तिथि के पूर्व रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।
-शार्ट टर्म कैपिटल हानि (प्रॉपर्टी, शेयर, गोल्ड आदि) कैपिटल गेन के मद के लाभ से 8 वर्षों तक समायोजित जा सकती है। हानि को केरी - फॉरवर्ड करने के लिए नियत तिथि के पूर्व रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।
- लांग टर्म कैपिटल हानि (प्रॉपर्टी, शेयर, गोल्ड आदि) लांग टर्म कैपिटल लाभ से 8 वर्षों तक समायोजित जा सकती है। हानि को केरी - फॉरवर्ड करने के लिए नियत तिथि के पूर्व रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।
- हार्स रेस से हानि, रेस हार्स की आय से 4 वर्षों तक समायोजित जा सकती है। हानि को केरी - फॉरवर्ड करने के लिए नियत तिथि के पूर्व रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।
आयकर रिटर्न दाखिल करने संबंधित प्रावधान –
सामान्य परिस्थितियों में - व्यक्तिगत एवं एचयूएफ करदाता जो ऑडिट की श्रेणी में नहीं आते हैं, के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित है एवं अन्य श्रेणी के लिए अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित है।
हानि की दशा में - वैसे तो व्यक्तिगत एवं एचयूएफ करदाता को हानि की दशा में रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य नहीं है, परंतु हानि को आगामी वर्षों में केरी-फॉरवर्ड किया जाना है तो उपरोक्त तालिका अनुसार रिटर्न तिथि के पूर्व दाखिल करना अनिवार्य होता है।
यह लेख अरिहंत कैपिटल मार्केट के चीफ फाइनेंशियल प्लानर उमेश राठी ने लिखा है। umesh.rathi@arihantcapital.com पर उमेश राठी से संपर्क किया जा सकता है।
