Amalaki Ekadashi 2026 Date: 4 शुभ योग में इस दिन किया जाएगा आमलकी एकादशी का व्रत, नोट करें मुहूर्त, महत्व और पारण का समय

Amalaki Ekadashi 2026 Date: आमलकी एकादशी को रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ये व्रत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। आइए जानें इस साल ये व्रत किस दिन किया जाएगा, इसमें कौन से शुभ योग बन रहे हैं और पारण का समय क्या है

अपडेटेड Feb 18, 2026 पर 7:00 AM
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आमलकी एकादशी व्रत का पारण 28 फरवरी शनिवार को किया

Amalaki Ekadashi 2026 Date: आमलकी एकादशी का व्रत रंगों के पर्व होली के ठीक पहले आता है। इस दिन काशी में भगवान शिव और मां पार्वती को अबीर और गुलाल अर्पित कर होली के पर्व की शुरुआत मानी जाती है। इसलिए इस व्रत का एक नाम रंगभरी एकादशी भी है। ये व्रत हर साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है।

सभी एकादशियों की तरह ये तिथि भी भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु का विधि-विधान से पूजन करने से सभी तरह के पाप और दोष मिट जाते हैं। इस दिन आंवले की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। आइए जानें इस साल ये व्रत कब किया जाएगा और इस पर कौन से 4 शुभ योग बन रहे हैं?

आमलकी एकादशी की तारीख

पंचांग के अनुसार, आमलकी एकादशी के लिए फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि 27 फरवरी को 12 बजकर 33 एएम पर शुरू होगी और इस तिथि का समापन 27 फरवरी को रात 10 बजकर 32 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर आमलकी एकादशी 27 फरवरी शुक्रवार को है।

आमलकी एकादशी पर बन रहे 4 शुभ योग

इस बार की आमलकी एकादशी बहुत खास मानी जा रही है। इस दिन 4 शुभ योग सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, आयुष्मान् योग और सौभाग्य योग बन रहे हैं। ये योग अत्यंत ही शुभ फलदायी हैं। इसमें कोई शुभ कार्य, पूजा, पाठ आदि फलित होगा।


आयुष्मान् योग : प्रात:काल से लेकर शाम 7:44 बजे तक

सौभाग्य योग : शाम 7:45 बजे से

सर्वार्थ सिद्धि योग : सुबह 10 बजकर 48 बजे से 28 फरवरी को सुबह 06:47 बजे तक

रवि योग : सुबह 06 बजकर 48 बजे से सुबह 10 बजकर 48 बजे तक

आमलकी एकादशी मुहूर्त

आमलकी एकादशी के व्रत में भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा सुबह 06:48 बजे से लेकर दिन में 11:08 बजे के बीच कर सकते हैं। इसके बाद से राहुकाल शुरू हो जाएगा। इस दिन लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 08:15 बजे से सुबह 09:41 बजे तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 09:41 बजे से सुबह 11:08 बजे तक रहेगा।

आमलकी एकादशी का महत्व

आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ आंवले की भी पूजा का महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। आंवला एक अमृत फल है, इसके सेवन से सेहत अच्छी रहती है। इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे पूजा, भोजन आदि करने से सेहत लाभ प्राप्त होता है।

पारण समय

आमलकी एकादशी व्रत का पारण 28 फरवरी शनिवार को किया जाएगा। व्रत का पारण सुबह 06 बजकर 47 बजे से सुबह 09 बजकर 06 बजे तक कर सकते हैं।

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