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Nag Panchami 2025: शिव कृपा पाने और कालसर्प दोष से मुक्ति का शुभ अवसर, नाग पंचमी के दिन भगवान को ऐसे करें खुश!

Nag Panchami 2025: नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह दिन कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए भी अत्यंत प्रभावशाली माना गया है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Jul 29, 2025 पर 9:21 AM
Nag Panchami 2025: शिव कृपा पाने और कालसर्प दोष से मुक्ति का शुभ अवसर, नाग पंचमी के दिन भगवान को ऐसे करें खुश!
नाग पंचमी के दिन नाग देवता के 12 नामों का स्मरण और सर्प सूक्त का पाठ फलदायी होता है। घर के द्वार पर नाग चित्र बनाना शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक है।

श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाने वाली नाग पंचमी हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह दिन भगवान शिव और नागों की पूजा के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के गले में विराजमान वासुकी नाग के पूजन से इस दिन विशेष फल प्राप्त होता है। इसी कारण, इस दिन नाग देवता की पूजा करने से न केवल जीवन के संकटों से मुक्ति मिलती है, बल्कि कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष भी शांत होता है।

मान्यता है कि पुराणों में नाग पंचमी का वर्णन कई बार आया है। इस दिन नागों को दूध, फूल, चावल और दूर्वा अर्पित की जाती है। यह पूजा संतान प्राप्ति और पारिवारिक सुख-शांति के लिए भी की जाती है।

क्या है पूजा की विधि ?

इस दिन ‘सर्प सूक्त’ का पाठ करना विशेष माना जाता है। पूजा से पहले स्नान कर साफ कपड़े पहनने के बाद भगवान शिव के साथ नाग देवता की विधिवत पूजा करें। इसके बाद नदी किनारे या घर पर बैठकर नाग देवता के बारह नाम जैसे अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिंगला का स्मरण करें।

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