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Bhaum Pradosh Vrat April 2026 Date: भौम प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की पूजा से दूर होंगे ग्रह दोष, जानें कब है भौम प्रदोष व्रत

Bhaum Pradosh Vrat April 2026 Date: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की प्रदोष काल में पूजा करते हैं। हर हिंदू माह में दो बार आने वाले प्रदोष व्रत करने वाले भक्तों को भगवान शिव के आशीर्वाद से ग्रह दोषों से छुटकारा मिलता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 25, 2026 पर 6:10 PM
Bhaum Pradosh Vrat April 2026 Date: भौम प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की पूजा से दूर होंगे ग्रह दोष, जानें कब है भौम प्रदोष व्रत
मंगलवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर भौम प्रदोष व्रत करते हैं।

Bhaum Pradosh Vrat April 2026 Date: वैशाख माह का अंतिम प्रदोष व्रत भौम प्रदोष व्रत होगा। हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। अप्रैल में अब वैशाख माह का दूसरा और अंतिम प्रदोष व्रत किया जाएगा। इस व्रत का नाम उस दिन से तय होता है, जिस दिन यह तिथि पड़ती है। जैसे सौमवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर सोम प्रदोष व्रत किया जाता है। उसी तरह मंगलवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर भौम प्रदोष व्रत करते हैं। इसमें प्रदोष काल यानी सूर्योदय के बाद दो घंट पूजा के लिए विशेष माने जाते हैं। इस साल वैशाख माह का अंतिम प्रदोष व्रत मंगलवार को किया जाएगा, इसलिए इसका नाम भौम प्रदोष व्रत होगा। इस दिन कई बड़े और महत्वपूर्ण योग भी बन रहे हैं। माना जाता है कि त्रयोदशी तिथि पर श्रद्धा और विधि-विधान से प्रदोष व्रत करने पर बहुत से ग्रह दोष दूर होते हैं।

भौम प्रदोष व्रत : तारीख

वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 अप्रैल 2026 को शाम 6:51 बजे से शुरू होकर 29 अप्रैल 2026 को शाम 7:51 बजे तक रहेगी। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है इसलिए यह व्रत 28 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा। इस दिन मंगलवार होने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाएगा।

प्रदोष व्रत 2026 का शुभ समय

प्रदोष व्रत की पूजा के लिए 28 अप्रैल को पूजा का शुभ समय शाम 6:54 बजे से रात 9:04 बजे तक रहेगा। इस दौरान भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

त्रिपुष्कर योग में भौम प्रदोष व्रत

इस बार का भौम प्रदोष व्रत पर त्रिपुष्कर योग रहेगा। इस योग में किए गए शुभ कार्य का तीन गुना शुभ फल प्राप्त होता है। भौम प्रदोष व्रत पर त्रिपुष्कर योग सुबह में 5 बजकर 43 मिनट से प्रारंभ होगा और शाम को 6 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इस दिन प्रात:काल में व्याघात योग भी बन रहा है, जो रात में 9 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। इसके बाद से हर्षण योग होगा। उस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रात:काल से लेकर रात 10:36 बजे तक है फिर हस्त नक्षत्र का प्रारंभ है।

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