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Chaiti Chhath 2026 Date:कब से शुरू होगा चैती छठ का महापर्व, जानें नहाय-खा से लेकर संध्या और उषा अर्घ्य का कैलेंडर और समय

Chaiti Chhath 2026 Date: कार्तिक मास की तरह चैत्र के महीने में छठ की पूजा की जाती है। दिवाली के बाद होली में आने वाली इस छठ की पूजा में नहाय-खा से लेकर संध्या और उषा अर्घ्य दिया जाता है। आइए जानें इस साल ये व्रत कब से शुरू होगा, इसका पूरा कैलेंडर और समय

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 13, 2026 पर 1:48 PM
Chaiti Chhath 2026 Date:कब से शुरू होगा चैती छठ का महापर्व, जानें नहाय-खा से लेकर संध्या और उषा अर्घ्य का कैलेंडर और समय
कार्तिक छठ की तरह चैती छठ में भी नहाय-खा, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य दिया जाता है।

Chaiti Chhath 2026 Date: छठ पूजा को हिंदू धर्म में महापर्व का दर्जा दिया जाता है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में सूर्य देव और छठी माता की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इनके आशीर्वाद से बच्चों की सेहत अच्छी रहती है और परिवार में शांति और उन्नति होती है। हिंदू कैलेंडर में ये पर्व दो बार मनाया जाता है, एक बार कार्तिक शुक्ल पक्ष में और चैत्र के शुक्ल पक्ष में। कार्तिक छठ की तरह चैती छठ में भी नहाय-खा, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य दिया जाता है। आइए जानें इस साल चैती छठ पर्व किस दिन मनाया जाएगा, इसकी तारीख और समय क्या है?

इस दिन से शुरू होगा चैती छठ महापर्व

पंचांग के अनुसार, चैती छठ पर्व की शुरुआत चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होगी। इसका समापन सप्तमी तिथि को प्रात: अर्घ्य के साथ होगा। इस साल 22 मार्च 2026 से चैती छठ की शुरुआत नहाय खाय के साथ होगी। वहीं 27 मार्च 2026 को चैती छठ समाप्त हो जाएगा।

चैती छठ पूजा 2026 कैलेंडर

22 मार्च 2026: नहाय-खाय- छठ पर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है, जिसमें व्रती सुबह किसी नदी, तालाब या पवित्र जल में स्नान करने के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। नहाय-खाय पर कद्दू, चना दाल और अरवा चावल का भात बनाया जाता है।

23 मार्च 2026: खरना- छठ के दूसरे दिन खरना किया जाता है। इसे कई जगहों पर लोहंडा भी कहा जाता है। पूरे दिन उपवास रहने के बाद सूर्यास्त के बाद पूजा-पाठ कर खरना किया जाता है। खरना पूजन में गुड़ की खीर, केला, रोटी (पुड़ी) आदि का प्रसाद खाया जाता है। खरना करने के बाद से ही 36 घंटे के निर्जला व्रत की शुरुआत हो जाती है।

24 मार्च 2026: संध्या अर्घ्य- चैती छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। संध्या अर्घ्य के लिए शाम के समय नदी, तालाब या किसी जलाशय के पास कमर तक पानी में रहकर डूबते हुए सूर्य को दूध और जल आदि से अर्घ्य दिया जाता है।

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