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Chaitra Navratri 2026: कल चैत्र नवरात्रि के पहले दिन इस विधि से करें कलश स्थापना, जानें सही मुहूर्त और पालकी पर मां के आने का क्या है अर्थ?

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से मनाया जाता है। इसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस साल मां दुर्गा पालकी पर आ रही हैं। आइए जानें कलश स्थापना का मुहूर्त, विधि और पालकी पर मां के आने का अर्थ

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 18, 2026 पर 6:23 PM
Chaitra Navratri 2026: कल चैत्र नवरात्रि के पहले दिन इस विधि से करें कलश स्थापना, जानें सही मुहूर्त और पालकी पर मां के आने का क्या है अर्थ?
इस पर्व की शुरुआत में प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना कर मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है।

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख पर्व और त्योहारों में से एक माना जाता है। नौ दिनों का ये पर्व हिंदू वर्ष का पहला और प्रमुख पर्व होता है, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस साल चैत्र नवरात्रि का पर्व गुरुवार, 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहा है और 27 मार्च 2026 को राम नवमी से इसका समापन होगा। इस पर्व की शुरुआत में प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना कर मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है। इस बार नवरात्रि का प्रारंभ गुरुवार से हो रहा है, ऐसे में माता का आगमन इस बार पालकी पर हो रहा है। आइए जानें कलश स्थापना की विधि, मुहूर्त और मां दुर्गा के पालकी पर आगमन का क्या अर्थ है?

चैत्र नवरात्रि तिथि

पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से होगी। इसका समापन अगले दिन 20 मार्च को 4:52 मिनट पर होगा। चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होगी।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

इस चैत्र नवरात्रि में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे और 7:43 बजे के बीच रहेगा। इसमें कलश की स्थापना कर लें। इस दौरान अगर, कलश स्थापना न कर पाएं तो इसके बाद, अभिजीत मुहूर्त में भी कलशस्थापना की जा सकती है, जो दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे के बीच होगा।

कलश का महत्व

शास्त्रों में कलश को सुख-समृद्धि,ऐश्वर्य और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। बिना कलश स्थापना के कोई भी धार्मिक अनुष्ठान पूरा नहीं माना जाता है। इसलिए नवरात्रि पर मां दुर्गा की पूजा करते समय माता की प्रतिमा के सामने कलश की स्थापना करनी चाहिए।

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