Chaturmas 2026: ज्येष्ठ माह के बाद अब शुरू होगा आषाढ़ का महीना, इसमें लगेगा चतुर्मास और होगा देवशयनी एकादशी का व्रत

Chaturmas 2026: हिंदी कैलेंडर का चौथा महीना है आषाढ़। हिंदू धर्म में इसका अहम स्थान है। इस माह से चतुर्मास शुरू होता है और मांगलिक कार्यों पर 4 महीने के लिए ब्रक लग जाता है। आइए जानें इस साल आषाढ़ माह कब से शुरू हो रहा है और कब से लगेगा चतुर्मास

अपडेटेड Jun 18, 2026 पर 7:55 PM
भगवान विष्णु जिस दिन शयन शुरू करते हैं, उस दिन देवशयनी एकादशी का व्रत किया जाता है।

Chaturmas 2026: हिंदी कैलेंडर का चौथा महीना आषाढ़ का हिंदू धर्म में अहम स्थान है। इस माह को सर्वाधिक बारिश के लिए जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन आकाश में पूर्वाषाढ़ा या उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का योग बनता है, इसलिए इस माह का नाम ‘आषाढ़’ पड़ा है। इसके अलावा यह महीना इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि इसमें योगिनी एकादशी, देवशयनी एकादशी, चतुर्मास और गुरु पूर्णिमा जैसे कई महत्वपूर्ण व्रत और पर्व भी आते हैं।

आषाढ़ में पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है। इसके बाद जगत के पालनहार भगवान विष्णु चार महीने के लिए सो जाते हैं और चतुर्मास शुरू होते हैं। भगवान विष्णु जिस दिन शयन शुरू करते हैं, उस दिन देवशयनी एकादशी का व्रत किया जाता है। इसके बाद हिंदू धर्म में शुभ और मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग जाता है। यह रोक लगभग 119 दिन या चार माह के तक रहने के बाद देवउठनी एकादशी पर समान्त होती है। आइए जानें इस साल आषाढ़ माह कब से शुरू हो रहा है और चतुर्मास कब से लगेगा ?

ज्येष्ठ पूर्णिमा के अगले दिन से शुरू होगा आषाढ़ का महीना

ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि के बाद आषाढ़ माह की शुरुआत होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल वट पूर्णिमा का व्रत 29 जून 2026 को रखा जाएगा। यानि आषाढ़ माह की शुरुआत 30 जून 2026 को होगी और इसका समापन 29 जुलाई 2026 को होगा।

25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास 2026

साल 2026 में चातुर्मास की शुरुआत 25 जुलाई, शनिवार से होगी। इस दिन आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत होता है, जिसे देवशयनी एकादशी कहा जाता है। चतुर्मास का समापन 20 नवंबर, शुक्रवार को कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी के दिन यानी करीब 119 दिनों बाद होगा।


चातुर्मास में आते हैं ये 4 माह

चातुर्मास नाम का अर्थ ही होता है चार महीने। इसमें श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक मास शामिल होते हैं। ये सभी महीने धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

भगवान विष्णु से जुड़ी मान्यता

धार्मिक कथाओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि वे पाताल लोक में राजा बलि के पास विश्राम करते हैं। इसके बाद चार महीने तक वे विश्राम अवस्था में रहते हैं और देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं। तभी से फिर सृष्टि के संचालन की जिम्मेदारी संभालते हैं।

आषाढ़ माह 2026 व्रत त्योहार

3 जुलाई 2026 – कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी

6 जुलाई 2026 – कालाष्टमी एवं मासिक कृष्ण जन्माष्टमी

10 जुलाई 2026 – योगिनी एकादशी

12 जुलाई 2026 – रवि प्रदोष व्रत एवं मासिक शिवरात्रि

14 जुलाई 2026 – आषाढ़ अमावस्या

15 जुलाई 2026 – आषाढ़ नवरात्रि प्रारम्भ

16 जुलाई 2026 – जगन्नाथ रथयात्रा, कर्क संक्रांति

17 जुलाई 2026 – अनिरुद्ध चतुर्थी

22 जुलाई 2026 – भड़ली नवमी

25 जुलाई 2026 – देवशयनी एकादशी

26 जुलाई 2026 – रवि प्रदोष व्रत

28 जुलाई 2026 – कोकिला व्रत

29 जुलाई 2026 – गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा

Shani Pradosh Vrat 2026: ज्येष्ठ माह की अंतिम त्रयोदशी पर होगा शनि प्रदोष व्रत, शनिदेव को इस दिन प्रसन्न करने के लिए करें ये 5 उपाय

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।