Dev Deepawali 2025: आज कार्तिक मास का अंतिम दिन है और आज ही के दिन देव दीपावली भी मनाई जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार आज के दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नाम के असुर का वध किया था। इससे प्रसन्न होकर देवता धरती पर आए थे और गंगा स्नान के बाद गंगा तट पर ढेरों दीपक जलाए थे। इसी के प्रतीक के तौर पर आज देव दीपावली मनाई जाती है। आज के दिन लोग अपने घरों में भी दीये जलाते हैं और मानते हैं कि इससे घर से नकारात्मकता दूर होती है और खुशहाली आती है। आज के दिन जलाए जाने वाले दीयों की संख्या का भी बहुत महत्व माना जाता है। कहते कि आज 51 दीये जलाना पूर्णता का प्रतीक होता है। देव दीपावली के दिन प्रदोष काल में पूजा की जाती है। सूर्यास्त के बाद 2 घंटे का समय प्रदोष काल कहलाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय में लक्ष्मी माता धरती पर अपने भक्तों का हाल जानने के लिए आती हैं। आइए जानें आज के दिन कितने दीपक जलाना चाहिए और 365 बाते के दीपक का उपाय
