Get App

Devshayani Ekadashi 2026: आषाढ़ माह में किया जाएगा देवशनी एकादशी का व्रत, जानें कब से बंद होंगे मांगलिक कार्य

Devshayani Ekadashi 2026: हिंदू धर्म देवशयनी एकादशी का अहम स्थान है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी का व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 19, 2026 पर 8:10 PM
Devshayani Ekadashi 2026: आषाढ़ माह में किया जाएगा देवशनी एकादशी का व्रत, जानें कब से बंद होंगे मांगलिक कार्य
इस दिन से चार माह तक वह योग निद्रा में रहते और मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग जाता है।

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी का व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। हिंदू कैलेंडर की एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान और पूरी आस्था से भगवान विष्णु का व्रत करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी व्रत का अहम स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु पाताल लोक में शयन करने चले जाते हैं। इस दिन से चार माह तक वह योग निद्रा में रहते और मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग जाता है।

चतुर्मास के बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु जब योगनिद्रा से बाहर आते हैं, तब मांगलिक और शुभ कार्य फिर से शुरू होते हैं। इस दिन देवउठनी एकादशी का व्रत किया जाता है। देवशयनी एकादशी से चातुर्मास आरंभ हो जाता है। चातुर्मास चार महीनों तक रहता है और इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश या अन्य कोई मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस समय भगवान विष्णु की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

कब है देवशयनी एकादशी?

वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में एकादशी तिथि 24 जुलाई को सुबह 9 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी। इसका समापन 25 जुलाई को दोपहर 11 बजकर 34 मिनट पर होगा। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

देवशयनी एकादशी पारण समय

देवशयनी एकादशी का पारण 26 जुलाई के दिन किया जाएगा। 26 जुलाई को सुबह 05 बजकर 39 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 22 मिनट के मध्य साधक स्नान-ध्यान कर विधि-विधान से लक्ष्मी नारायण की पूजा करें। इसके बाद अन्न का दान कर एकादशी का पारण करें।

देवशयनी एकादशी शुभ योग

सब समाचार

+ और भी पढ़ें