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Mahashivratri 2026: शिवरात्रि कितनी तरह की होती हैं? जानिए हर शिवरात्रि का रहस्य और पूजा का महत्व

Mahashivratri 2026: सावन शिवरात्रि श्रावण माह में पड़ने वाली शिवरात्रि होती है, जिसका विशेष महत्व कांवड़ यात्रियों के लिए होता है। मासिक शिवरात्रि हर महीने शिव पूजा और मनोकामना पूर्ति के लिए मनाई जाती है। वहीं, महाशिवरात्रि फाल्गुन मास में शिव-पार्वती विवाह के उपलक्ष में मनाई जाने वाली वर्ष की सबसे प्रमुख शिवरात्रि मानी जाती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 12, 2026 पर 8:51 AM
Mahashivratri 2026: शिवरात्रि कितनी तरह की होती हैं? जानिए हर शिवरात्रि का रहस्य और पूजा का महत्व
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि को ‘शिव की महान रात’ कहा जाता है।

सावन शिवरात्रि को मासिक शिवरात्रि का विशेष और अत्यंत पावन स्वरूप माना जाता है। यह पर्व सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। सावन का महीना भगवान शिव को अत्यधिक प्रिय है और इसे शिवभक्ति का सबसे शुभ समय कहा जाता है। इसी वजह से इस महीने में पड़ने वाली शिवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व सामान्य मासिक शिवरात्रियों की तुलना में कहीं अधिक माना जाता है। सावन शिवरात्रि के दिन शिव भक्त व्रत रखते हैं, मंदिरों में जाकर शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करते हैं।

यह दिन आस्था, श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत होता है। मान्यता है कि सावन शिवरात्रि पर सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी विशेष कृपा बरसाते हैं। यही कारण है कि यह पर्व शिव उपासकों के लिए बेहद खास माना जाता है।

सावन शिवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

मान्यता है कि सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। इस दिन शिवलिंग का विधिवत अभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। यह पर्व शिव के त्याग, तप और सृष्टि के कल्याण के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

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