Gayatri Jayanti 2026: गायत्री जयंती का पर्व आज, जानें क्या है वेदमाता के प्रकट होने की कथा, आज की पूजा विधि और सामग्री

Gayatri Jayanti 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गायत्री माता को समस्त वेदों की जननी, ज्ञान और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। आज के दिन गायत्री माता की विधि-विधान से पूजा और सच्चे मन से गायत्री मंत्र का जाप करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

अपडेटेड Jun 25, 2026 पर 12:58 PM
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार वेदमाता गायत्री आज दिन प्रकट हुई थीं।

Gayatri Jayanti 2026: आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार वेदमाता गायत्री आज दिन प्रकट हुई थीं। इसलिए हर साल आज के दिन गायत्री जयंती मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गायत्री माता को समस्त वेदों की जननी, ज्ञान और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। आज के दिन गायत्री माता की विधि-विधान से पूजा और सच्चे मन से गायत्री मंत्र का जाप करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आज के दिन सामर्थ्य अनुसार गरीबों या ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र या जल का दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। आइए मां गायत्री के दिव्य स्वरूप, पूजा सामग्री और स्वरूप के बारे में जानें।

वेदों की जननि मां गायत्री का दिव्य स्वरूप

वेदों की जननी मां गायत्री का स्वरूप अत्यंत दिव्य है। मान्यता है कि मां गायत्री के पांच मुख हैं। इनमें चार मुख चारों वेदों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि पांचवां मुख शक्ति और चेतना का प्रतीक माना जाता है। उनके दस हाथ विभिन्न दिव्य शक्तियों को दर्शाते हैं। भक्तों का विश्वास है कि उनके आशीर्वाद से ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

गायत्री माता की पूजा सामग्री

  • माँ गायत्री की तस्वीर या मूर्ति
  • पूजा की चौकी और पीला या लाल कपड़ा (चौकी पर बिछाने के लिए)
  • अक्षत, चंदन, कुमकुम या हल्दी
  • धूप, अगरबत्ती और शुद्ध घी का दीपक
  • ताजे फल, फूल और माला (विशेषकर पीले रंग के फूल)
  • नैवेद्य (भोग के लिए मिठाई, मिश्री या पंचामृत)
  • कलश, गंगाजल और साफ तांबा/पीतल का लोटा
  • रुद्राक्ष या चन्दन की माला (मंत्र जाप के लिए)


पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थान को साफ करके मां गायत्री की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
  • दीपक जलाकर मां गायत्री का ध्यान करें और उन्हें फूल अर्पित करें।
  • मां गायत्री को अक्षत, रोली, चंदन और प्रसाद चढ़ाएं।
  • श्रद्धा के साथ गायत्री मंत्र का जप करें।
  • सूर्य देव को जल अर्पित करके परिवार की सुख-शांति और सद्बुद्धि की प्रार्थना करें।
  • पूजा के बाद जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है।

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