Guru Purnima 2026: हिंदी कैलेंडर में पूरे साल में 12 पूर्णिमा तिथियां आती हैं। पूर्णिमा तिथि माता लक्ष्मी को समर्पित है, लेकिन इस दिन भगवान सत्यनारायण और चंद्र देव की भी पूजा की जाती है। पूरे साल में आने वाली सभी पूर्णिमा तिथियों में आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि गुरु को समर्पित की गई है। इस दिन अपने आराध्य के साथ-साथ गुरु का भी सम्मान करने की प्राचीन परंपरा है। यह दिन पूरे देश में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, गुरु पूर्णिमा आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है, जो आमतौर पर जून और जुलाई के बीच आती है। यह त्योहार भारत, नेपाल और भूटान में हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म के लोग मनाते हैं। हिंदू अपने गुरुओं की पूजा करते हैं, बौद्ध इसे भगवान बुद्ध को समर्पित करते हैं। वहीं, जैन धर्म के अनुयायी अपने आध्यात्मिक गुरुओं का सम्मान करते हैं।
गुरु पूर्णिमा 2026 कब है?
गुरु पूर्णिमा बुधवार, 29 जुलाई, 2026 को है
पूर्णिमा तिथि शुरू - 28 जुलाई, 2026 को शाम 06:18 बजे
पूर्णिमा तिथि खत्म - 29 जुलाई, 2026 को रात 08:05 बजे
गुरु पूर्णिमा कैसे मनाई जाती है?
गुरु पूर्णिमा को बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। सुबह जल्दी उठें और घर की साफ-सफाई करें, स्नान करके साफ कपड़े पहनें, अपने माता-पिता और बड़ों का आशीर्वाद लें और सूर्य भगवान को जल यानी अर्घ्य अर्पित करें। इस दिन भक्त मंदिरों, आश्रमों और मठों में आशीर्वाद लेने जाते हैं। कई लोग व्रत भी रखते हैं और अपने गुरुओं को समर्पित भजन और श्लोक पढ़ते हैं।
सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें, क्योंकि वे ज्ञान और बुद्धि के देवता हैं। अगर, आपने किसी गुरु से दीक्षा ली है, तो गुरु मंत्र का जाप करें। अपने आध्यात्मिक या जीवन के गुरु से मिलकर उनका आशीर्वाद लें।
ॐ वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा…
हिंदू धर्म में पूर्णिमा का दिन बहुत शुभ माना जाता है, इस दिन लोग भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा करते हैं। साल में 12 पूर्णिमा आती हैं, लेकिन गुरु पूर्णिमा खास है, क्योंकि यह दिन गुरु के सम्मान के लिए समर्पित होता है।