Guru Pushya Nakshatra 2026: देवगुरु बृहस्पति ने कुछ समय पहले अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश किया है। गुरु का कर्क राशि में गोचर 12 साल बाद हुआ है। इस राशि में रहते हुए अब वो शनि के स्वामित्व वाले नक्षत्र पुष्य में प्रवेश करेंगे। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा माना जाता है। गुरु और पुष्य के मिलन से गुरु पुष्य योग बनता है, जिसे ज्योतिष में अत्यंत फलदायी और प्रभावशाली माना जाता है।
