Hariyali Teej 2026 Date: सावन में कब मनाई जाएगी हरियाली तीज? जानें तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त

Hariyali Teej 2026 Date: सावन के महीने में हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। यह दिन कन्याओं और विवाहित महिलाओं के लिए बहुत खास माना जाता है। आइए जानें इस साल हरियाली तीज का व्रत किस दिन किया जाएगा और इस दिन पूजा में किन नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए

अपडेटेड Jul 24, 2026 पर 9:12 PM
उदयातिथि के अनुसार हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त को ही मनाया जाएगा।

Hariyali Teej 2026 Date: सावन का महीना हरियाली और भगवान शिव की आराधना के लिए जाना जाता है। लेकिन इस माह की एक विशेषता भी है। ये महीना माता पार्वती के तप, त्याग और समर्पण की याद दिलाता है, जब महिलाएं और अविवाहित कन्याएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य के लिए हरियाली तीज का पर्व मनाती हैं। हरियाली तीज का पूरे साल में आने वाले प्रमुख तीज पर्व में अहम स्थान है। यह व्रत हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन माता पार्वती ने वर्षों की कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त किया था। माना जाता है कि माता पार्वती के इस समर्पण और प्रेम से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में अपनाया था। यही कारण है कि इस दिन सुहागिन महिलाएं माता गौरी की पूजा कर उनसे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की कामना के लिए इस व्रत का पालन करती हैं।

हरियाली तीज 2026: सही तारीख

सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का प्रारंभ 14 अगस्त को शाम 06:48 बजे से होकर 15 अगस्त को शाम 05:30 बजे तक रहेगा। उदयातिथि के अनुसार यह व्रत 15 अगस्त को ही मनाया जाएगा।

पूजा और व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य विशेष नियम

हरियाली तीज का व्रत पति की लंबी उम्र, सुखी शादीशुदा जिंदगी और मनचाहा वर पाने के लिए रखा जाता है। इस दिन पूजा-अर्चना करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें :


हरा रंग और सोलह श्रृंगार : पूजा के समय हरे रंग के वस्त्र (जैसे साड़ी/सूट) पहनें, हाथों में हरी चूड़ियां पहनें और मेहंदी लगाएं। हरा रंग प्रकृति, सावन और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

सिंधारा की परंपरा : इस दिन मायके से आए सिंधारे का प्रयोग करें और सास या किसी वरिष्ठ महिला का आशीर्वाद लें। सिंधारे में वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, घेवर व मिठाइयां होती हैं।

व्रत संकल्प व व्रत कथा : सुबह स्नान के बाद सच्चे मन से व्रत का संकल्प लें और शाम को भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा करते समय हरियाली तीज की व्रत कथा अवश्य सुनें।

माता पार्वती को सुहाग सामग्री देना : पूजा के दौरान देवी पार्वती को लाल चुनरी और श्रृंगार का सामान (सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां आदि) अर्पित करें।

हरियाली तीज में ये वर्जित है

  • पूजा या व्रत के दौरान काले या सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचें। लाल, हरा या अन्य शुभ रंग पहनना उत्तम होता है।
  • इस दिन किसी से झगड़ा या कटु वचन न बोलें और मन में किसी के प्रति नकारात्मक विचार न लाएं।
  • घर में सात्विक माहौल रखें और लहसुन-प्याज या तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें।
  • परंपरा अनुसार यदि आपने निर्जला व्रत का संकल्प लिया है, तो पूजा और कथा पूर्ण होने से पहले व्रत न खोलें।

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