सावन का महीना आते ही हरियाली तीज का इंतजार शुरू हो जाता है। यह पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है, जिसमें वे शिव-पार्वती की पूजा कर सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं।
सावन का महीना आते ही हरियाली तीज का इंतजार शुरू हो जाता है। यह पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है, जिसमें वे शिव-पार्वती की पूजा कर सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं।
हरियाली तीज की तारीख

हरियाली तीज 2026 16 जुलाई, गुरुवार को मनाई जाएगी। यह पर्व हर साल सावन (श्रावण) माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है और हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व माना जाता है। खासकर सुहागिन महिलाओं के लिए यह दिन बेहद शुभ होता है। इस अवसर पर महिलाएं व्रत रखती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं और पूरे उत्साह के साथ इस पावन पर्व को मनाती हैं।
हरियाली तीज का महत्व

हरियाली तीज पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। इस दिन कई महिलाएं व्रत रखती हैं और सोलह श्रृंगार कर पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं।
हरे रंग की साड़ी या सूट पहनें

हरियाली तीज पर हरे रंग का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन हरे रंग की साड़ी, लहंगा या सूट पहनना शुभ माना जाता है। हरा रंग हरियाली, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है, इसलिए महिलाएं इस रंग के कपड़ों को प्राथमिकता देती हैं।
हरी चूड़ियां जरूर पहनें

तीज के दिन हरी कांच की चूड़ियां पहनना सुहाग का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि हरी चूड़ियां पहनने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य बना रहता है। चाहें तो इनके साथ गोल्डन या कुंदन कंगन भी स्टाइल कर सकती हैं।
मांग में सिंदूर और माथे पर बिंदी लगाएं
सुहागिन महिलाओं के लिए सिंदूर और बिंदी सोलह श्रृंगार का अहम हिस्सा हैं। हरियाली तीज की पूजा में मांग में सिंदूर भरना और माथे पर लाल या हरी बिंदी लगाना शुभ माना जाता है। इससे पारंपरिक लुक भी निखरता है।
मेहंदी जरूर रचाएं

हरियाली तीज का त्योहार मेहंदी के बिना अधूरा माना जाता है। हाथों और पैरों में सुंदर मेहंदी लगाना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि जितनी गहरी मेहंदी रचती है, उतना ही शुभ माना जाता है।
मंगलसूत्र और पायल पहनें

इस दिन सुहागिन महिलाएं मंगलसूत्र, पायल, बिछिया और अन्य सुहाग के आभूषण पहनती हैं। ये केवल श्रृंगार का हिस्सा ही नहीं, बल्कि वैवाहिक जीवन के शुभ प्रतीक भी माने जाते हैं। पारंपरिक गहनों से तीज का लुक और भी आकर्षक लगता है।
इन चीजों से करें परहेज

हरियाली तीज के दिन काले या गहरे उदास रंग के कपड़े पहनने से बचने की सलाह दी जाती है। पूजा के समय बिना श्रृंगार के न रहें और फटे या बहुत साधारण कपड़े पहनने से भी परहेज करें। यदि व्रत रख रही हैं, तो पूजा की परंपराओं का पालन करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
पूजा और झूले का आनंद लें
हरियाली तीज पर महिलाएं शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती हैं, तीज की कथा सुनती हैं और सावन के गीत गाती हैं। कई जगहों पर पेड़ों पर झूले डाले जाते हैं, जहां महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में झूला झूलकर इस पर्व का आनंद लेती हैं। यह त्योहार भक्ति, उत्साह और पारिवारिक मेल-मिलाप का प्रतीक माना जाता है।
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