Jyeshtha Purnima 2026 Upay: आज ज्येष्ठ माह का अंतिम दिन है। आज ज्येष्ठ पूर्णिमा के साथ 59 दिनों तक चला हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना समाप्त हो जाएगा। इसके बाद कल से आषाढ़ माह शुरू होगा और कल कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि होगी। इसलिए आज के दिन का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा का अहम स्थान है। इस दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान, उपवास, पूजा और दान-पुण्य किया जाता है। पूर्णिमा तिथि माता लक्ष्मी को समर्पित होती है। इस दिन सत्यनारायण भगवान और चंद्र देव की भी पूजा की जाती है। इसके अलावा, ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार आज के दिन कुछ खास उपाया करने से जीवन में मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-समृद्धि आती है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा के विशेष उपाय
अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने या घर की नकारात्मकता को दूर करने के लिए इस दिन कुछ सरल और अचूक उपाय कर सकते हैं:
मां लक्ष्मी की कृपा और धन लाभ के उपाय
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करते समय उन्हें 11 पीली कौड़ियां अर्पित करें। पूजा संपन्न होने के बाद इन कौड़ियों को एक लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। इससे घर में बरकत बनी रहती है।
मानसिक शांति और चंद्र दोष से मुक्ति
पूर्णिमा की रात को चंद्र देव को जल में दूध, गंगाजल और अक्षत (चावल) मिलाकर अर्घ्य दें। इससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।
अर्घ्य देते समय या रात के समय `ॐ सों सोमाय नमः` मंत्र का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है।
घर की नकारात्मकता दूर करने के लिए
पूर्णिमा की शाम को घर के मुख्य द्वार पर घी का एक दीपक जरूर जलाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और दरिद्रता दूर होती है।
पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें और वहां घी का दीपक जलाएं। माना जाता है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का वास होता है।
विवाह बाधा दूर करने के विशेष उपाय
परिवार में किसी विवाह योग्य व्यक्ति के विवाह में बार-बार रुकावटें आ रही हों या बात बनते-बनते बिगड़ जाती हो, तो ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन सफेद वस्त्र धारण करके भगवान शिव का पूरे विधि-विधान से अभिषेक और पूजन करें। मान्यता है कि इससे विवाह के मार्ग में आने वाली सभी अड़चनें तुरंत दूर हो जाती हैं।
इस पवित्र तिथि पर सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को सफेद वस्तुएं चावल, दूध, चीनी, सफेद कपड़े या मिठाई आदि का दान करें। पूर्णिमा के दिन किया गया दान अक्षय फल प्रदान करता है।