Falgun month last Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रह का सनातन धर्म में बहुत महत्व है। यह व्रत हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस दिन, भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करते हैं। माना जाता है कि इस व्रत को करने से मनचाहा फल मिलता है और सुख-समृद्धि बढ़ती है। ज्योतिष गणना के अनुसार, फाल्गुन महीने के आखिरी प्रदोष व्रत पर शोभन योग सहित कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इन योगों के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन भौतिक सुखों की कभी कमी नहीं होगी। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि रविवार को पड़ रही है। इसलिए, इस बार साल का पहला रवि प्रदोष किया जाएगा। इस दिन भगवान शिव के साथ सूर्य भगवान की पूजा की जाएगी। इस व्रत में प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव की पूजा की जाती है।
