Magh Purnima 2026 Date: माघ मास की पूर्णिमा पर तीर्थराज प्रयाग में त्रवेणी संगम में स्नान करने से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और स्वर्ग की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में माना गया है कि इस दिन स्वयं भगवान विष्णु त्रिवेणी संगम स्नान करने धरती पर आते हैं और स्नान करने आए सभी भक्तों का दुख हर लेते हैं। इस दिन स्नान करने के साथ-साथ गायत्री मंत्र का जाप करना भी फलदायी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा का नाम माघ नक्षत्र के नाम पर रखा गया है। इस दिन गंगा स्नान करने वाले भक्तों को पूरे साल के स्नान का फल मिलता है। शास्त्रों के अनुसार पौष मास की पूर्णिमा से माघ मास की पूर्णिमा तक गंगा या त्रिवेणी संगम में स्नान करने से सूर्य और चंद्रमा युक्त दोषों से छुटकारा मिलता है। आइए जानें इस साल माघ पूर्णिम किस दिन है और इस दिन स्नान-दान का क्या मुहुर्त होगा? इस दिन रवि पुष्य योग बनने का क्या अर्थ है?
