Nirjala Ekadashi 2026: साल की सबसे बड़ी एकादशी पर रहेगा भद्रा का साया, इस साल निर्जला एकादशी का व्रत और पूजा 4 शुभ योगों में होगी

Nirjala Ekadashi 2026: ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी का व्रत किया जाता है। इस साल निर्जला एकादशी के दिन भद्रा लग रही है। साथ ही, एकसाथ 4 शुभ योगों का संयोग भी बन रहा है। आइए जानें निर्जला एकादशी व्रत की तारीख, शुभ योग और भद्रा का समय

अपडेटेड Jun 19, 2026 पर 7:00 AM
पूरे साल आने वाली सभी एकादशी तिथियों में निर्जला एकादशी व्रत का विशेष महत्व है।

Nirjala Ekadashi 2026: हिंदी कैलेंडर के सभी महीनों के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। श्री हरि के भक्त इस दिन विधि-विधान और पूरी श्रद्धा के साथ व्रत करते हैं। पूरे साल में 24 एकादशी व्रत आते हैं, लेकिन इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास लगने की वजह से पद्मिनी और परमा एकादशी का व्रत करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ था। इसलिए इस साल 26 एकादशी व्रत बन रहे हैं।

पूरे साल आने वाली सभी एकादशी तिथियों में निर्जला एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस एकादशी पर व्रती बिना जल ग्रहण किए उपवास रखते हैं। इसी कारण इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि जो लोग पूरे साल एकादशियों का व्रत नहीं कर पाते हैं, वो अगर पूरी श्रद्धा के साथ निर्जला एकादशी का व्रत करें तो उन्हें सभी 24 एकादशियों के समान पुण्य प्राप्त होता है। पंचांग के अनुसार, इस साल निर्जला एकादशी के दिन भद्रा भी लग रही है।

निर्जला एकादशी 2026 की तिथि

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून 2026 को रात 8 बजकर 9 मिनट से आरंभ होगी और 25 जून 2026 को रात 9 बजकर 14 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। उदया तिथि के आधार पर निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026 को रखा जाएगा।

निर्जला एकादशी पर बन रहे चार शुभ योग

इस बार निर्जला एकादशी कई विशेष शुभ योगों के साथ मनाई जाएगी। वैदिक गणना के अनुसार 25 जून को शिव योग, रवि योग और सिद्ध योग का निर्माण होगा। इसके अलावा, यह व्रत गुरुवार को पड़ रही है, जो भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। एकादशी व्रत और गुरुवार का दिन विष्णु आराधना के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे में यह दुर्लभ मेल व्रत के महत्व को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।


रवि योग- सुबह 5 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर शाम 4 बजकर 29 मिनट तक

शिव योग- सुबह 10 बजकर 22 मिनट से लेकर पूरे दिन रहेगा

सिद्ध योग- सुबह 10 बजकर 53 मिनट से पूरे दिन रहेगा

निर्जला एकादशी पर भद्रा का साया

निर्जला एकादशी के दिन भद्रा का प्रभाव भी रहेगा। पंचांग के अनुसार, भद्रा सुबह 7 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगी। हालांकि, इस दिन भद्रा पाताल लोक में रहेगी। इसलिए व्रत, पूजन और भगवान विष्णु की आराधना में किसी प्रकार की बाधा नहीं मानी जाएगी।

निर्जला एकादशी के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04 बजकर 05 मिनट से सुबह 04 बजकर 45 मिनट तक

अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक

रवि योग : सुबह 05 बजकर 25 मिनट से शाम 04 बजकर 29 मिनट तक

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