Nirjala Ekadashi 2026: कच्चे दूध और तुलसी की मंजरी का ये उपाय भर देगा घर, कल निर्जल एकादशी पर जरूर करें तुलसी के ये चमत्कारी टोटके

Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी का व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस व्रत में तुलसी के कुछ उपाय करने से घर की दरिद्रता दूर होती है, खुशहाली आती है और शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। आइए जानें निर्जला एकादशी पर किए जाने वाले इन उपायों के बारे में

अपडेटेड Jun 24, 2026 पर 4:31 PM
निर्जला एकादशी पर तुलसी माता को श्रृंगार सामग्री अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है।

Nirjala Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का व्रत पूरे साल में आने वाली सभी 24 एकादशी तिथियों में सबसे पवित्र और कठिन माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत को करने वाले भक्त एकादशी के दिन सूर्योदय से लेकर द्वादशी के दिन सूर्योदय तक अन्न के साथ-साथ जल का भी त्याग करते हैं। इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी व्रत को करने से पूरे साल की सभी 24 एकादशी व्रत का पुण्य मिल जाता है। इस दिन बहुत से भक्त अपनी मुश्किलें और तकलीफें दूर करने के लिए कुछ उपाय करते हैं। माना जाता है कि भगवान विष्णु इस दिन अपने भक्त की पुकार जरूर सुनते हैं। इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ उपाय जरूर करने चाहिए।

कब मनाई जाएगी निर्जला एकादशी?

वैदिक पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 24 जून 2026 को दोपहर 02 बजकर 42 मिनट पर प्रारंभ होगी और 25 जून 2026 को शाम 04 बजकर 39 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि मान्य होने के कारण निर्जला एकादशी व्रत 25 जून 2026, दिन गुरुवार को किया जाएगा।

निर्जला एकादशी का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी सबसे महत्वपूर्ण और फलदायी व्रतों में गिनी जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को विधि-विधान से करने पर सालभर की सभी एकादशियों के समान पुण्य प्राप्त होता है। इस दिन अन्न और जल दोनों का त्याग कर उपवास रखा जाता है। श्रद्धा और संयम से किया गया यह व्रत भगवान विष्णु की कृपा दिलाने वाला माना जाता है।

जरूर करें तुलसी से जुड़े उपाय


  • यदि विवाह में बार-बार अड़चनें आ रही हैं, तो निर्जला एकादशी पर तुलसी माता और शालिग्राम भगवान का विधिपूर्वक पूजन करें। मान्यता है कि इससे वैवाहिक बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बढ़ती है।
  • अगर मेहनत के बाद भी तरक्की रुक गई है और धन नहीं टिक रहा, तो निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। कच्चे दूध में तुलसी मंजरी मिलाकर भगवान का अभिषेक करने से आर्थिक बाधाएं दूर होने और समृद्धि बढ़ने की मान्यता है।
  • निर्जला एकादशी पर तुलसी माता को श्रृंगार सामग्री अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और आर्थिक बाधाएं दूर होने लगती हैं।
  • अगर करियर में बार-बार रुकावटें आ रही हैं, तो निर्जला एकादशी पर तुलसी माता के समक्ष 11, 21 या 51 दीपक जलाकर तुलसी चालीसा का पाठ करें। मान्यता है कि इससे सफलता के नए अवसर प्राप्त होते हैं।

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