Parshuram Jayanti 2026:वैशाख माह में ही मनाई जाती है परशुराम जयंति, जानें कब है इसकी तारीख और मुहूर्त

Parshuram Jayanti 2026: भगवान विष्णु के 6ठे अवतार माने जाने वाले भगवान परशुराम की जयंति वैशाख माह में ही मनाई जाती है। इस दिन लोग भगवान परशुराम की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और दान आदि करते हैं। आइए जानें इस साल भगवान परशुराम की जयंति किस दिन मनाई जाएगी

अपडेटेड Apr 08, 2026 पर 9:18 PM
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परशुराम जयंति वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाती है।

Parshuram Jayanti 2026: भगवान परशुराम को हिंदू धर्म के विख्यात और ज्ञानी ऋषि के रूप में जाना जाता है। लेकिन जितनी ख्याति इनके ज्ञान की है, उतना ही इनके क्रोधी स्वभाव के लिए भी इन्हें जाना जाता है। इन्हें भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। ब्राह्मण कुल में जन्मे भगवान परशुराम ने धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाए थे। उन्हें शास्त्र और शस्त्र का ज्ञाता माना जाता है। परशुराम जयंति वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भक्त भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत भी रखते हैं। इसी दिन अक्षय तृतीया का पर्व भी मनाया जाता है। आइए जानें इस साल परशुराम जयंति का पर्व किस दिन मनाया जाएगा?

कौन हैं भगवान परशुराम?

भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। ऋषि जमगग्नि के पुत्र परशुराम जी को जामदग्न्य नाम से भी जाना जाता है। वह भगवान शिव के शिष्य और उनके परम भक्त भी थे। भगवान शिव ने उनकी भक्ति और योग्यता से खुश होकर विद्युदभि नाम का परशु दिया था। इसलिए उन्हें परशुराम नाम से भी जाना जाता है।

भगवान परशुराम जयंति तिथि

भगवान परशुराम की जयंति वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस साल वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि की शुरुआत रविवार, 19 अप्रैल का सुबह 10 बजकर 49 मिनट से शुरू होगी। यह 20 अप्रैल को सोमवार के दिन सुबह में 7 बजकर 28 मिनट पर तृतीया तिथि समाप्त हो जाएगी।


पूजा मुहूर्त

उदयातिथि और प्रदोष काल की गणना के आधार पर भगवान परशुराम जयंती 19 अप्रैल 2026, रविवार को मनाई जाएगी। 19 तारीख को तृतीया तिथि तीनों समय रहने के कारण भगवान परशुराम की जयंती इसी दिन मनाई जाएगी।

परशुराम जयंती : पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
  • हाथ में जल लेकर व्रत और पूजा का संकल्प लें।
  • पूजा स्थल की सफाई करें और एक चौकी पर भगवान परशुराम की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • उन्हें चंदन और अक्षत लगाएं, फूल, तुलसी दल और पीले फूलों की माला प्रेमपूर्वक अर्पित करें।
  • धूप और दीपक जलाएं, मौसमी फल और मिठाइयों का भोग लगाएं।
  • भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और परशुराम स्तुति का पाठ करें।
  • भगवान परशुराम की आरती उतारें।
  • सभी को प्रसाद बांटें, गरीबों और जरूरतमंदों को दान दें।

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